इन्दौर, 9 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय कुश्ती में गुरु-शिष्य परम्परा निभाई जाती है। बॉलीवुड के ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ आमिर खान भी गुरु शिष्य परम्परा निभाने में पीछे नहीं रहे। ‘दंगल’ फिल्म की तैयारी को लेकर आमिर खान व ‘दंगल’ की पूरी टीम ने कोच कृपाशंकर से एक वर्ष से भी ज्यादा समय तक कुश्ती के गुर सीखे है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आमिर ने अपने कुश्ती गुरु कृपाशंकर बिश्नोई को याद किया व फोन के माध्यम से शुभकामनाएं दीं।
यूरोप कंट्री के माल्टा शहर में आमिर इन दिनों ‘ठग्स ऑफ हिंदुस्तान’ की शूटिंग में व्यस्त है।
उम्र में बड़े आमिर जब कृपा के पैर छूते हैं तो कृपा झेप जाते है।
दंगल गुरु की कोचिंग और कुश्ती से प्रभावित होकर 52 वर्षीय आमिर खान 40 वर्षीय कृपाशंकर के आज भी पैर छूकर गुरु सम्मान देते है।
कृपाशंकर बताते हैं, ” जब पहली बार आमिर ने मेरे पैर छुए तो में स्तब्ध रह गया था। मैंने ऐसा करने का करण पूछा तो आमिर ने कहा कृपा जी मुझे पता है की अखाड़े में गुरु शिष्य परम्परा निभाई जाती है। पैर छूने का मतलब है गुरु के प्रति समर्पण भाव जगाना अहंकार को खत्म करना और उपलब्धि बढ़ाना।”
कुश्ती गुरु कृपाशंकर ने इस भावनात्मक क्षण का पूरा फायदा उठाया और सिगरेट छोड़ने की गुरु -दक्षिणा के रूप में आमिर से मांग कर दी। आमिर अत्यधिक सिगरेट का सेवन करते थे इस बात को लेकर कोच को परेशानी थी।
कृपा ने कहा, “अगर आप सिगरेट का त्याग करेंगे तो कुश्ती प्रदर्शन में सुधार होगा। अगले दिन ही आमिर ने सिगरेट का पैकेट मेरी तरफ बढ़ाते हुए कहा इसे कूड़ेदान में डाल दीजिए।”
कृपाशंकर ने बताया उन्होंने भी पैकेट को हाथ नहीं लगाते हुए कपड़े में लिया और कूड़ेदान में डाल दिया। उसके बाद आमिर कभी सिगरेट पीते नहीं दिखे।
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