सहपीडिया-यूनेस्को फेलोशिप के लिए आवेदन की समय सीमा 30 जुलाई

नई दिल्ली, 18 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय कला-संस्कृति की परंपरा और विरासत के बारे में शोध करने और इसके सुव्यस्थित दस्तावेजीकरण के लिए शुरू की गई परियोजना, सहपीडिया-यूनेस्को फेलोशिप कार्यक्रम के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 जुलाई तक बढ़ा दी गई है।

भारतीय कला पर सार्वजनिक विश्वकोशीय संसाधन, सहपीडिया ने कहा कि आवेदकों के अनुरोध को देखते हुए फेलोशिप के लिए प्रस्ताव को जमा करने की अंतिम तिथि 15 से 30 जुलाई तक बढ़ा दी गई है।

यूनेस्को के सहयोग से शुरू किए गए इस कार्यक्रम के तहत दो तरह के फैलोशिप उपलब्ध हैं – सहपीडिया प्रोजेक्ट फेलोशिप (एसपीएफ) और सहपीडिया रिसर्च फेलोशिप (एसआरएफ)। ये फेलोशिप प्रतिभागियों को प्राथमिक दस्तावेजीकरण के स्तर पर या सामग्री क्यूरेशन प्रक्रिया में शामिल होने का विकल्प प्रदान करती है। कुल 100 फैलोशिप के लिए सहपीडिया अब तक तीन गुना आवेदन प्राप्त कर चुका है।

सहपाडिया की कार्यकारी निदेशक सुधा गोपालकृष्णन ने कहा, “हमें अभी तक प्राप्त परियोजना प्रस्ताव की गुणवत्ता ने काफी प्रोत्साहित किया है। हमारे उम्मीद के अनुकूल वे विभिन्न रुचियों और अध्ययनों का प्रतिनिधित्व करते हैं।”

ये फेलोशिप पोस्ट-डॉक्टरेट स्कॉलर, डॉक्टरेट के उम्मीदवारों, स्नातकोत्तर और स्नातक (2017 की गर्मियों में स्नातक होने वाले छात्रों सहित) के लिए उपलब्ध हैं। इन फेलोशिप से मल्टीमीडिया फॉरमेट वाले कंटेंट के साथ महत्वपूर्ण अनुसंधान शुरू होने की उम्मीद है। इन्हें सहपीडिया वेबसाइट पर होस्ट कर दिया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

सहपीडिया प्रोजेक्ट फेलो के तौर पर चुने गए आवेदकों को 40,000 रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी और सहापीडिया रिसर्च फेलो को 15,000 रुपये की पेशकश की जाएगी। एसपीएफ प्रोजेक्ट 12 सप्ताह में जबकि एसआरएफ प्रोजेक्ट 8 सप्ताह में पूरा किए जाने की उम्मीद है।

अगस्त और सितंबर तक आवेदनों की प्रक्रिया और साक्षात्कार पूरा किए जाने और अक्टूबर तक इन पुरस्कारों को प्रदान करने और परियोजना के चलने की उम्मीद है।

सहपाडिया के निदेशक वैभव चौहान ने कहा, “चूंकि यह कार्यक्रम का पहला संस्करण है, हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि परियोजना का लाभ अधिक से अधिक युवा शोधकर्ताओं तक पहुंचे।”

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