नई दिल्ली, 20 जुलाई (आईएएनएस)। टाटा कैपिटल अपने कौशल विकास पहल ‘प्रोएस्पायर’ के माध्यम से देशभर में 3,000 से ज्यादा वंचित छात्रों को प्रशिक्षित कर उनका सफलतापूर्वक प्लेसमेंट किया है। प्रोएस्पायर के तहत टाटा कैपिटल का उद्देश्य कुशल श्रमबल की कमी, बुनियादी शिक्षा की खराब गुणवत्ता, अवसरों तक सीमित पहुंच तथा योग्य श्रमबल से संबंधित मसलों, जिससे वर्तमान में देश जूझ रहा है, उसका हल करना है।
प्रोएस्पायर शिक्षा तथा रोजगारपरकता के क्षेत्र में टाटा कैपिटल के प्रमुख कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) पहल में से एक है। इसका उद्देश्य समाज के वंचित मगर संभावित उम्मीदवारों को प्रशिक्षण प्रदान कर सरकार की कौशल भारत पहल में योगदान करना है।
टाटा कैपिटल में मुख्य मानव संसाधन अधिकारी अविजित भट्टाचार्य ने कहा, “गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास किसी भी राष्ट्र के विकास की एक अहम शर्त है। अनुमान के मुताबिक, 2022 तक भारत में बीएफएसआई क्षेत्र में करीब 10 लाख रोजगार उपलब्ध होंगे, जो हमारे देश के समान रूप से समृद्ध स्रोत मानव पूंजी का समर्थन कर सकते हैं। प्रोएस्पायर भारत के लिए जनसांख्यिकीय ताकत का लाभ उठाने के दृष्टिकोण को अभिव्यक्त करता है और इसका उद्देश्य वर्ष 2020 तक 10,000 से ज्यादा लोगों को कुशल बनाना है, जिनमें 40 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं।”
बीएफएसआई प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सफल उम्मीदवारों को भारत भर में प्रतिष्ठित बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) तथा माइक्रो फाइनेंस कंपनियों में बिजनेस डेवलपमेंट एक्जीक्यूटिव्स, फ्रंट लाइन सेल्स एक्जीक्यूटिव्स, बैक ऑफिस एक्जीक्यूटिव्स की भूमिका में नियुक्त किया जाता है। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को पूरा करने वाले उम्मीदवारों को विनिर्माण क्षेत्रों एवं संबद्ध सेवाओं में कुशल इलेक्ट्रिशियंस, मैकेनिक एवं वेल्डर्स के रूप में अवसर उपलब्ध होते हैं। इस पहल के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं की प्लेसमेंट दर 65 प्रतिशत से अधिक है, जिनमें से अधिकांश उम्मीदवारों को बीएफएसआई, हॉस्पिटैलिटी तथा अन्य संबद्ध क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
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