नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। यूआईडीएआई के पूर्व अध्यक्ष नंदन नीलकेणी ने शनिवार को कहा कि देश को डेटा सुरक्षा कानून की ‘जल्द से जल्द’ जरूरत है, क्योंकि यह ‘मूलभूत चीज’ है, ताकि उपयोगकर्ता घरेलू और विदेशी कंपनियों से जब जरूरत हो डेटा साझा करने की मांग कर सकें।
नीलकेणी ने यहां दिल्ली इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2017 में कहा, “यह प्रौद्योगिकी की समस्या नहीं है, बल्कि नीतिगत समस्या है।”
पूर्व महान्यायवादी मुकुल रोहतगी ने पहले कहा था कि इस साल सरकार एक डेटा सुरक्षा नीति लाने की योजना बना रही है।
फेसबुक द्वारा 2016 में अधिगृहीत किए जाने के बाद व्हाट्सएप ने जब अपने उपयोगकर्ताओं से जुड़ी जानकारियों को विज्ञापन के उद्देश्य से साझा करने के लिए अपनी निजता नीति में बदलाव करने के बाद इस कानून की जरूरत महसूस की जाने लगी।
dharmpath.com dharmpath