नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती को आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) ने अनिवार्य बताया है और कहा है कि यह देश की विकास दर को बरकरार रखने के लिए अनिवार्य था।
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती को आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) ने अनिवार्य बताया है और कहा है कि यह देश की विकास दर को बरकरार रखने के लिए अनिवार्य था।
डीईए के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने यहां एक बयान में कहा, “हमने मुद्रास्फीति और विकास के दृष्टिकोण के मूल्यांकन को लेकर एमपीसी (मौद्रिक समीक्षा समिति) के के बयान पर ध्यान दिया है और हम रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती का स्वागत करते हैं, जो सतत विकास के लिए जरूरी है।”
आरबीआई ने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए अपनी तीसरी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा में वाणिज्यिक बैंकों के लिए पुर्नखरीद दर या अल्पकालिक ऋण दर को 6.25 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दिया है।
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