नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की सहयोगी कंपनी मदर डेयरी ने सूखा प्रभावित मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र के सात जिलों में दूध खरीद की व्यवस्था करने के साथ एक साल की अवधि में किसानों से एक लाख लीटर दूध प्रतिदिन संग्रहण का आंकड़ा पार कर लिया है।
मदर डेयरी ने एक बयान में कहा कि आज 600 से अधिक दूध उत्पादक संस्थानों से जुड़े 970 गांवों के 15,000 से ज्यादा किसान प्रतिदिन एक लाख लीटर से अधिक दूध एकत्रित कर रहे हैं। इस पहल के तहत अमरावती, वर्धा, नागपुर, चंद्रपुर, बुलढाना, नांदेड़ और ओस्मानाबाद जिले को कवर किया जा रहा है।
राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अध्यक्ष दिलीप रथ ने कहा, “विदर्भ और मराठवाड़ा राज्य के बहुत अधिक सूखा प्रभावित क्षेत्र हैं, जिसने यहां की कृषि को आपदाग्रस्त बना दिया है, इसलिए यहां डेयरी ही किसानों के लिए अतिरिक्त आजीविका संसाधन पैदा कर सकती है। इस संदर्भ में, एनडीडीबी ने अपनी सहयोगी कंपनी मदर डेयरी के जरिए दूध खरीद के बुनियादी ढांचे की स्थापना की है, जिसका उद्देश्य इस क्षेत्र के किसानों को बेहतर पारिश्रमिक प्रदान कर ग्रामीण समृद्धि लाना है।”
उन्होंने कहा, “दूध की खरीद प्रतिदिन एक लाख लीटर तक पहुंचने के साथ ही, इस पहल से किसानों ने अब तक 45 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ अर्जित किया गया है। भविष्य में हमने क्षेत्र के 11 जिलों के 3,000 से अधिक गांवों में अपने परिचालन का विस्तार कर 60,000 से अधिक किसानों को इसके अंतर्गत लाने की योजना बनाई है।”
दिलीप ने इस पहल को सफल बनाने में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का धन्यवाद किया और इस पहल में उनकी व्यक्तिगत भागीदारी की प्रशंसा की।
मदर डेयरी ने हाल ही में महाराष्ट्र सरकार और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बीच समझौते के तहत नवीनीकृत नागपुर डेयरी प्लांट का उद्घाटन किया है। नए उन्नत अत्याधुनिक प्लांट की दूध प्रसंस्करण क्षमता 50,000 लीटर प्रतिदिन है, जिसे बढ़ाकर 2 लाख लीटर प्रतिदिन किया जा सकता है।
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