नई दिल्ली, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय उद्योग ने ऊर्जा बचत सर्टिफिकेट के पहले महीने में ही 11.62 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राजस्व की कमाई की है। एनर्जी सेविंग सर्टिफिकेट अथवा ईसर्ट्स बिजली मंत्रालय द्वारा उन उद्योगों को जारी किए जाते हैं जो परफॉर्म, अचीव एंड ट्रेड स्कीम (पैट) के तहत ऊर्जा बचत के लक्ष्यों को पार कर लेते हैं।
बिजली एवं नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय में राज्यमंत्री ने 26 सितंबर को ये ईसर्टस इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (आईईएक्स) और पावर एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड पर जारी किए थे। सिर्फ मंगलवार को कारोबार में आने वाले ये सर्टिफिकेट पिछले एक महीने में 990 रुपये के मूल्य पर 1,17,425 रुपये में बेचे गए हैं।
इस घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिसिएंसी के महानिदेशक अभय बाकरे ने कहा, “भारतीय उद्योग देश में 33 से 35 प्रतिशत तक उत्सर्जन मानकों में कटौती करने के लिए प्रतिबद्ध है और ईसर्टस की कामयाबी सरकारी-निजी सहभागिता की सफलता का सूचक है। मुझे उम्मीद है कि हम इन उत्साहजनक नतीजों को और भी आगे ले जाएंगे।”
ईसर्टस ट्रेडिंग से उन उद्योगों को ऊर्जा कुशलता के लक्ष्यों को हासिल करने की प्रेरणा मिलती है जो लक्ष्यों को हासिल नहीं कर पाते और उन उद्योगों को उत्साह मिलता है जो लक्ष्यों को हासिल करके आगे निकल जाते हैं।
जो उद्योग अपने प्रयासों से या ईसर्टस की खरीदारी से अपने लक्ष्यों को हासिल नहीं कर पाते उन्हें कानून के तहत हर्जाना देना पड़ता है।
बीईई की सिफारिशों के आधार पर बिजली मंत्रालय ने पैटनेट पोर्टल के जरिए अभी तक 306 ग्राहकों को 38 लाख से अधिक एनर्जी सेविंग सर्टिफिकेट जारी किए हैं। इसके साथ ही 110 ग्राहकों को 14.25 लाख ईसर्टस खरीदने योग्य पाया गया है।
इन उद्योगों को ट्रेडिंग के लिए रजिस्टर करना है। वे पैटनेट पोर्टल पर रजिस्टर कर सकते हैं। इस काम में ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिसिएंसी इन सर्टिफिकेट्स का कारोबार करता है जबकि पावर सिस्टम ऑपरेशन कार्पोरेशन लिमिटेड पंजीयक की भूमिका में।
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