संयुक्त राष्ट्र, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने चेतावनी दी है कि अगर तत्काल सहायता प्रदान नहीं की गई, तो मध्य-पूर्व के देशों में संघर्ष से प्रभावित बच्चों पर आने वाले सर्दियों में कठोर प्रभाव पड़ेगा।
मध्य-पूर्व और उत्तरी अफ्रीका के यूनिसेफ क्षेत्रीय निदेशक गीर्ट कैप्पेलेयर ने शुक्रवार को कहा, “कम तापमान, तूफान और भारी बर्फबारी से सैकड़ों पीड़ित परिवारों के दुख में बढ़ोतरी होगी।”
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने कैप्पेलेयर के हवाले से बताया, “सहायता के बिना सर्दियों में क्षेत्र के बच्चों पर कठोर प्रभाव पड़ेगा, जो पहले ही बहुत कुछ सह चुके हैं। पोषण में कमी, खराब स्वास्थ्य सेवा और विस्थापन के कारण बच्चों का स्वास्थ्य कमजोर है। हाइपोथर्मिया और श्वसन संक्रमण एक गंभीर खतरा है। अगर बच्चों का इलाज नहीं किया गया, तो वे मर जाएंगे।”
वर्षो से चल रहे संघर्ष, विस्थापन और बेराजगारी के कारण हजारों परिवार के संसाधन खत्म हो चुके हैं और वे गर्म कपड़े या ईंधन खरीदने में समर्थ नहीं है।
इसके अलावा, अगर स्कूलों को गर्म नहीं रखा गया, तो बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर में वृद्धि की उम्मीद है और इस कारण उनकी जल्दी शादी और उनके खिलाफ यौन हिंसा की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
संयुक्त एजेंसी में कर्मचारी ठंड आने से पहले गर्म कपड़े और कंबल प्रदान करने के लिए समय से अधिक काम कर रहे हैं, लेकिन एजेंसी ने 7.3 करोड़ रुपयों की अपील की थी, जिसके मुकाबले वह 6 करोड़ रुपये में काम कर रहे हैं।
संसाधनों की कमी के कारण इराक, सीरिया, फिलिस्तीन अधिकृत क्षेत्र और पड़ोसी शरणार्थी मेजबान देशों में 15 लाख बच्चों पर सर्दी का गहरा प्रभाव पड़ सकता है।
पर्याप्त धन के साथ, यूनिसेफ का उद्देश्य पूरे इलाके में 800,000 से अधिक बच्चों को शीतकालीन कपड़ों का किट प्रदान करना है। इसमें उन परिवारों को शामिल किया गया है, जिन्हें हाल ही में हुई लड़ाई के कारण अपना घर छोड़ना पड़ा।
इसमें लगभग 240,000 बच्चों को गर्म कंबल, 105,000 बच्चों के लिए अनुकूल स्थान, स्कूलों में गर्म उपकरण और 320,000 से अधिक असुरक्षित बच्चों के परिवारों को नकद सहायता प्रदान की जाएगी।
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