ग्वालियर, 15 नवंबर (आईएएनएस)। कम वर्षा के कारण मध्यप्रदेश के वास्तविक हालात जानने के लिए बुधवार को केंद्रीय सूखा राहत दल ने ग्वालियर के कई गांवों का दौरा किया।
किसानों ने बताया कि पानी की कमी के कारण फसलें चौपट हो गई हैं और पानी का संकट भी गहराने लगा है।
आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के मुताबिक, केन्द्रीय सूखा राहत दल ने बुधवार को ग्वालियर जिले में अल्प वर्षा के कारण उत्पन्न स्थिति के संबंध में जिलाधिकारी राहुल जैन और विभागीय अधिकारियों से चर्चा की। इसके साथ ही दल ने ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर किसानों से मुलाकात की।
जिलाधिकारी राहुल जैन ने सूखा राहत दल को बताया, “कम वर्षा के कारण ग्वालियर में किसानों की फसल को नुकसान हुआ है। इसके साथ ही पेयजल की भी दिक्कतें सामने आ रही हैं। अल्प वर्षा के कारण लगभग 48 प्रतिशत क्षेत्र में किसानों ने बोनी नहीं की है। जिन क्षेत्रों में बोनी की गई है, उनमें भी पानी की कमी के कारण खेती-किसानी के साथ पेयजल की समस्या निर्मित हो रही है।”
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की कमी महसूस की जा रही है। ग्वालियर शहर में तिघरा जलाशय के माध्यम से पेयजल का वितरण किया जाता है। इस जलाशय में पानी की कमी के कारण ककैटो बांध से पम्पिंग के माध्यम से तिघरा में पानी लाने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए प्रशासन ने धनराशि उपलब्ध कराई है। पम्पिंग का कार्य नौ करोड़ 35 लाख रुपये का टेण्डर स्वीकृत कर प्रारंभ किया गया है।
सूखा राहत दल ने घाटीगांव विकासखण्ड के बरखेड़ा गांव के किसान चरन सिंह आदिवासी के खेत पर पहुंचकर फसल देखी। किसानों ने बताया कि उन्होंने उड़द की फसल बोई थी, परंतु कम वर्षा के कारण फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। वर्तमान में किसान ने चने की फसल बोई। पानी की कमी के कारण चने की फसल भी खराब होने की स्थिति में है।
दल को किसानों ने बताया कि क्षेत्र में अल्प वर्षा के कारण खेती किसानी पूरी तरह से प्रभावित हुई है और पीने के पानी की समस्या भी सामने खड़ी है। दल ने अंगूरी देवी के खेत को भी देखा। उन्होंने भी अल्प वर्षा के कारण खेती पूरी तरह खराब होने की बात कही।
सूखा राहत दल ने आरोन गांव में किसानों से चर्चा की। चर्चा के दौरान किसानों ने कम वर्षा के कारण खेती पूरी तरह प्रभावित होने की बात कही। इसके साथ ही गांव के हैण्डपंप में भी पानी न आने की बात कही गई। चर्चा के दौरान बताया गया कि गांव में जलस्तर 280 फुट तक पहुंच गया है।
चर्चा के दौरान महिलाओं ने भी पानी की समस्या और रोजगार की समस्या से दल को अवगत कराया। गांव की सरपंच रजनी अतुल शर्मा ने गांव में अल्प वर्षा के कारण उत्पन्न स्थिति के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
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