बेंगलुरू, 25 नवंबर (आईएएनएस)। सेवा क्षेत्र जहां अर्थव्यवस्था को संचालित कर रहा है, वहीं केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने इस प्रमुख क्षेत्र में गुणवत्ता क्रांति पर जोर दिया है, क्योंकि यह क्षेत्र ज्यादा नौकरियां प्रदान करता है।
भारतीय उद्योग के 25वें राष्ट्रीय गुणवत्ता सम्मेलन को यहां वीडियो से संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “सेवा क्षेत्र में गुणवत्ता क्रांति हमारी प्राथमिकता है, क्योंकि यह क्षेत्र अर्थव्यवस्था को संचालित करता है.. यह किसी अन्य क्षेत्र की अपेक्षा कहीं ज्यादा नौकरियां प्रदान करता है।”
भारतीय उद्योग परिसंघ(सीआईआई) और वैश्विक ऑडिट सेवा मुहैया करानेवाली कंपनी केपीएमजी की एक संयुक्त रपट के मुताबिक, भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान सेवा क्षेत्र का योगदान 61 फीसदी था।
प्रभु ने कहा, “गुणवत्ता आन्दोलन भारत की अर्थव्यवस्था की प्रतिस्पर्धा का आधार है। सेवा और विनिर्माण क्षेत्र के व्यवसायों को उनके प्रदर्शन को दुनिया में सबसे बेहतर से बेंचमार्क करना चाहिए और घरेलू और वैश्विक बाजारों की सेवा करनी चाहिए।”
सेवा क्षेत्र के साथ विनिर्माण क्षेत्र में उनके आह्वान को आगे बढ़ाते हुए कर्नाटक के आईटी और बॉयोटेक मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि कौशल विकास गुणवत्ता और नवीनता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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