जयललिता की बेटी होने का दावा करने वाली महिला की याचिका नामंजूर

नई दिल्ली, 27 नवंबर (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को अमरुथा नाम की महिला की एक याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।

अमरुथा ने दिवंगत जे.जयललिता की जैविक बेटी होने का दावा किया था। याचिकर्ता ने जयललिता के शरीर को कब्र से निकालकर और उसकी डीएनए जांच कर मातृत्व के संबंध की जांच का आग्रह किया था।

लेकिन, न्यायमूर्ति मदन बी.लोकुर व न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता ने उसे अपनी अर्जी के साथ मद्रास उच्च न्यायालय जाने की इजाजत दे दी।

अमरुथा ने कहा उसके पालक माता-पिता ने उसे 1982 में गोद लिया था। अमरुथा के दत्तक माता-पिता जयललिता की बहन व जीजा हैं। उसका दावा है कि वह जयललिता की जैविक बेटी है और इसे उसके दत्तक पिता ने मरने से पहले उसे बताया था।

अमरुथा ने अदालत से आग्रह किया था कि वह ‘उसकी मां’ के शरीर को निकालने का आदेश दे, जिससे कि परिवार जयललिता का पारंपरिक तरीके से अंतिम संस्कार कर सके।

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