नई दिल्ली, 27 नवंबर (आईएएनएस)। देश के पहले स्वर्ण नीति और आभूषण सम्मेलन का आयोजन यहां विज्ञान भवन में 1 और 2 दिसंबर को किया जा रहा है, जहां भारतीय बुलियन (कीमती धातु) उद्योग के वर्तमान स्वरूप के साथ ही राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय चुनौतियों पर भी चर्चा की जाएगी।
इस सम्मेलन का आयोजन वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा गठित रत्व व आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) द्वारा किया जा रहा है।
जीजेईपीसी के अध्यक्ष प्रवीण कुमार पांड्या ने बताया, “भारत कीमती आभूषणों का सबसे बड़ा उपभोक्ता है और एक व्यापक स्वर्ण नीति पर काम करने की सरकार की मंशा के साथ जीजेईपीसी ने भारत के पहले स्वर्ण नीति और आभूषण सम्मेलन का आयोजन किया है। यह सम्मेलन भारत को स्वर्ण क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने में मदद करेगा तथा ‘मेक इन इंडिया’ एजेंडे के हिस्से के रूप में रत्न और आभूषणों के वैश्विक केंद्र बनने में मदद करेगा।”
जीजेईपीसी के आभूषन पैनल के संयोजक के. श्रीनिवासन ने कहा, “भारत को रत्न और आभूषणों के लिए एक वैश्विक केंद्र बनने तथा निर्यात बढ़ाने के लिए समग्र स्वर्ण नीति के ढांचे की जरुरत होती। यह नीति उपभोक्ताओं सहित प्रमुख हितधारकों के बीच पारदर्शिता और विश्वास को सुनिश्चित करेगी। यह आपूर्ति श्रृंखला में क्षमता को प्रोत्साहित करेगा तथा अपेक्षित वितरण मानकों की सुविधा प्रदान करेगा। सम्मेलन में भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय हितधारकों के बीच विचार-विमर्श होगा, ताकि विपणन, मर्चेंडाइजिंग और विनिर्माण बढ़ाने के लिए सर्वश्रेष्ठ-स्वर्ण नीति का फायदा उठाया जा सके।”
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