गुड़गांव का आइकॉनिक 32एंड माइलस्टोन अब हुआ 32एंड एवेन्यू

गुरुग्राम, 29 नवंबर (आईएएनएस)। एनसीआर के सबसे पुराने आइकॉनिक लैंडमार्क 32एंड माइलस्टोन का मेकओवर हो गया है और अब यह 32एंड एवेन्यू के नाम से जाना जाएगा।

सीबीआरई ने बतौर स्ट्रैटेजिक लीजिंग एवं मार्केटिंग पार्टनर इस लैंडमार्क को नए सिरे से डेवलप किया है। 1.5 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में इसका नए सिरे से विकास हुआ है। दिसम्बर में आंशिक तौर पर और फिर जनवरी तक पूर्ण रूप से खुलने जा रहे 32एंड एवेन्यू को एक नए हाई स्ट्रीट फॉर्मेट में विकसित किया गया है, जहां विशेष तौर पर क्यूरेट किए गए 35 फूड एंड ब्रेवेरेज (एफएंडबी) ब्रांड्स होंगे।

32एंड एवेन्यू की देखरेख करने वाले डेवलपर्स माइलस्टोन वेंचर्स ने बुधवार को बताया कि इस प्रॉपर्टी को एक अनूठे हाई स्ट्रीट बाजार के तौर पर विकसित किया जा रहा है, जहां एफएंडबी ब्रांड्स की विविध रेंज होगी। इसके लिए सीबीआरई साउथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड को स्ट्रैटेजिक लीजिंग और मार्केटिंग पार्टनर के तौर पर नियुक्त किया गया है।

करीब 1.5 लाख वर्ग फुट में फैले 32एंड एवेन्यू में कुल 35 प्रीमियम रेस्टोरेंट्स होंगे, जिनमें से 15 रेस्टोरेंट्स पहले चरण के तहत दिसंबर के मध्य तक खुल जाएंगे। 32एंड विलेज, जिसमें 32एंड एवेन्यू भी शामिल है, करीब 20 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें कामर्शियल (ऑफिस) रिटेल और हॉस्पिटैलिटी स्पेस भी है।

माइलस्टोन वेंचर्स के सीईओ ध्रुव शर्मा ने कहा, “ज्यादातर डेस्टिनेशंस जैसे मॉल व बाजारों में रिटेल और एफएंडबी विकल्प होते हैं लेकिन जो बात 32एंड एवेन्यू को उनसे अलग करती है वह है अलग-अलग गैर-पारंपरिक डाइनिंग अनुभव करने वाले लोगों के लिए एक ही जगह उपलब्ध ढेर सारे विकल्प। यहां शानदार डाइनिंग अनुभव के साथ ही रिटेल थेरेपी और नए वर्कस्पेस कॉन्सेप्ट्स जैसे को-वकिर्ंग भी मिलेंगे।”

सोशल स्पेस के तौर पर अपनी पुरानी पहचान को बनाए रखते हुए नए रूप में आई इस प्रॉपर्टी का वादा है कि वह अपने रिटेल ग्राहकों को बिलकुल नया अनुभव देगी। यह प्रॉपर्टी अपने अनूठे और विशिष्ट ब्राउनस्टोन से प्रेरित आ*++++++++++++++++++++++++++++र्*टेक्च र के जरिए एक विंटेज अहसास देती है। इसकी नींव पत्थर तराशने, लकड़ी की डिटेलिंग करने, कास्ट आयरन और बेहद बारीक प्लास्टर मोल्डिंग के क्षेत्र में माहिर स्थानीय भारतीय कारीगरों ने की है और ऐसा आ*++++++++++++++++++++++++++++र्*टेक्च र आज के आधुनिक ढांचों में देखने को नहीं मिलता है।

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