ढाका, 2 दिसम्बर (आईएएनएस)। पोप फ्रांसिस ने शनिवार को कहा कि धार्मिक सुदायों के भीतर वकवाद करना और दूसरों की बुराई करना आतंकवाद जैसा आचरण है।
समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, बांग्लादेश यात्रा के अंतिम दिन ढाका स्थित होनी रोजरी चर्च में पोप ने पादरियों, साध्वियों और नवदीक्षितों की एक सभा में यह बात कही।
पोप ने एक बार फिर कैथोलिक समुदाय में विभाजन के खतरों व वकवाद के नुकसान पर प्रकाश डाला, जैसा कि अक्सर उनके भाषण में सुनने को मिलता है।
धर्माध्यक्ष ने अनुयायियों के बीच अपने संक्षिप्त भाषण में उनको बताया कि वे सब ईश्वर द्वारा बोये बीज के तना हैं और जैसे-जैसे तना का विकास होता है, उसकी देखभाल की जरूरत होती है। उसे अन्य बुरे बीज व खरपतवार से भी बचाना होता है।
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में चर्च अंतर-धार्मिक बातचीत में सक्रिय है और उनसे आग्रह किया कि ऐसा ही व्यवहार वे अपने समुदाय के भीतर भी रखें, ताकि वे सौहार्द्र की मिसाल बन सकें।
अनुयायियों ने हर्षध्वनि के साथ उनके भाषणों पर जयकारे लगाए।
पोप म्यांमार में तीन दिन की यात्रा पूरी कर गुरुवार को बांग्लादेश पहुंचे थे। शुक्रवार को उन्होंने यहां रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों से मुलाकात की और म्यांमार के पीड़ित अल्पसंख्यक समुदाय को पहली बार अपने एशिया दौरे के दौरान उसके नाम से पुकारा। इससे पहले म्यांमार में वह उस शब्द का इस्तेमाल करने से परहेज करते रहे।
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