यूबीएम इंडिया इस कार्यक्रम की आयोजक है, जिसे एशियन प्रोफेशनल सिक्योरिटी एसोसिएशन, अमेरिकन सोसाइटी फॉर इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी, इलेक्ट्रॉनिक सिक्योरिटी एसोसिएशन ऑफ इण्डिया, सेंट्रल एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट सिक्योरिटी इंडस्ट्री और ओवरसीज सिक्योरिटी एडवाइजरी काउंसिल के समर्थन से आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम की स्टैटेजिक पार्टनर तथा पीडब्ल्यूसी नॉलेज पार्टनर एसोचैम है। शो में अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर विख्यात प्रदर्शक, सलाहकार, कारोबार विशेषज्ञ तथा मुख्य सरकारी अधिकारी हिस्सा लेंगे।
यूबीएम इंडिया के प्रबंध निदेशक योगेश मुद्रास ने बताया, “एक अनुमान के अनुसार हर मिनट 25.30 ग्रामीण भारतीय आजीविका और बेहतर जीवन शैली की तलाश में शहरों का रूख कर रहे हैं। इस गति के साथ 2050 तक शहरी आबादी 84.3 करोड़ के आंकड़े पर पहुंच जाएगी। इसी शहरीकरण को देखते हुए भारत को स्मार्ट तरीके खोजने होंगे, ताकि शहरीकरण से जुड़ी जटिलताओं का प्रबन्धन किया जा सके, खचरें को कम कर दक्षता बढ़ाई जा सके तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके। परिणामस्वरूप सार्वजनिक सुरक्षा आज दुनिया भर की सरकारों के लिए प्राथमिक मुद्दा बन चुका है।”
उन्होंने कहा कि इसके अलावा आपराधिक गतिविधियों और बढ़ते आतंकवाद के मद्देनजर नागरिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। स्मार्ट टेक्नॉलजी के इस युग में स्मार्ट सिक्योरिटी भी बहुत अधिक मायने रखती है।
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