नई दिल्ली, 18 दिसम्बर (आईएएनएस)। स्वास्थ्य बीमा को उपभोक्ता महंगा मानते हैं, लेकिन इसकी लागत में कटौती करने तथा इसके विस्तार की बहुत संभावनाएं हैं।
फिक्की और ईवाई द्वारा तैयार रपट ‘वितरण 2.0 – स्वास्थ्य बीमा के वितरण में सुधार’ को भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरदाई) के अध्यक्ष टी. एस. विजयन ने फिक्की के 10वें सालाना स्वास्थ्य बीमा सम्मेलन में यहां सोमवार को जारी किया।
फिक्की स्वास्थ्य बीमा समिति के सह-अध्यक्ष और विडाल हेल्थकेयर सर्विसिस के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक गिरीश राव के हवाले से फिक्की के बयान में कहा गया, “उद्योग में ग्राहकों के भरोसे को बढ़ाने के साथ उत्पाद के मूल्य की धारण को बढ़ाने की भी जरूरत है। इसके लिए सभी हितधारकों के संयुक्त प्रयास की जरूरत है, जिसमें विनियामक, बीमा प्रदाता, वितरक, स्वास्थ्य सेवा प्रदाता, थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (टीपीए) और यहां तक कि फार्मेसी की भूमिका प्रमुख है।”
फिक्की स्वास्थ्य बीमा समिति के सह-अध्यक्ष और सिगना टीटीके हेल्थ इंश्योरेंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक संदीप पाटील के मुताबिक स्वास्थ्य बीमा उद्योग को अपनी पहुंच बढ़ाने तथा बिक्री लागत घटाने के लिए नए चैनलों तक विस्तार कर उसका लाभ उठाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “हालांकि स्वास्थ्य बीमा की स्वीकार्यता अभी भी कम बनी हुई है। क्रय व्यवहार को संचालित करनेवाले अंतर्निहित कारणों से निपटना समय की जरूरत है।”
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