अमेरिका : आनुवांशिक दृष्टिहीनता में पहली जीन थेरेपी को मंजूरी

वाशिंगटन, 20 दिसम्बर (आईएएनएस)। अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने पहली बार बच्चों व वयस्क मरीजों के आनुवांशिक दृष्टिहीनता के इलाज की नई जीन थेरेपी को मंजूरी दे दी है। इस आनुवांशिक दृष्टिहीनता से व्यक्ति नेत्रहीन हो सकता है।

इस नई जीन थेरेपी को लुक्सर्टना (वोरेटीजीन नेपरवोवेक-रजिल) के नाम से जानते हैं। इसके जरिए रेटीना की विकृति को सही किया जाता है, जो खास आनुवांशिक उत्परिवर्तन की वजह से होता है। यह पहली जीन थेरेपी है, जिसके तहत अमेरिका में आनुवांशिक बीमारी के इलाज की मंजूरी दी गई है।

एक बयान में एफडीए के आयुक्त स्कॉट गोटलिब ने कहा, “यह मंजूरी जीन थेरेपी के क्षेत्र में इसके कार्य व जीन थेरेपी के विस्तार को बताती है, जो कैंसर से आगे जाकर दृष्टिहीनता के इलाज को दिखाती है, यह चुनौतीपूर्ण बीमारियों के व्यापक इलाज की संभावनाओं को बढ़ाती है।”

उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि जीन थेरेपी ज्यादातर असाध्य व भयावह बीमारियों के इलाज का मुख्य आधार बनेगा।”

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