रायपुर जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश ने आरोपियों को पुलिस साक्ष्य में कमीं के कारण बरी किया है। आरोप यह है कि इस पूरे घोटाले का मुख्य आरोपी बेदीराम को माना गया था। बेदीराम का मुख्य सहयोगी अखिलेश था।
इस पूरे घोटाले का खाका अखिलेश ने ही तैयार किया था। वहीं एक अन्य आरोपी डॉ. मनीष को चार साल की फरारी के बाद 2015 में गिरफ्तार किया गया था।
इधर पीएमटी-2011 का पर्चा लीक करने वाले गिरोह के एक मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड दीनाराम उर्फ संजय सिंह को काफी मशक्कत के बाद लखनऊ से पुलिस ने रायपुर लाया था। दीनाराम को यूपी में खासा रसूखदार माना जाता है।
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