नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को कहा कि भारत क्षेत्र में शांति और समृद्धि सुनिश्चित करने में क्षेत्रीय गुट आसियान की भूमिका को अहम मानता है।
दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संघ (आसियान) में शामिल राष्ट्रों के राष्ट्राध्यक्षों व सरकार के सम्मान में दिए भोज में राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और क्षेत्रीय समूह के बीच साझेदारी बनने के बाद आसियान के साथ हमारे संबंधों का एक लंबा सफर रहा है।
भारत और आसियान के बीच 25 साल से साझेदारीपूर्ण संबंधों को यादगार बनाते हुए सभी दस देशों के राष्ट्राध्यक्ष यहां आयोजित कमेमोरिटव समिट यानी स्मरणीय सम्मेलन में हिस्सा लेने आए हुए हैं।
आसियान के दस सदस्य देशों में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिगापुर, थाईलैंड और वियतनाम शामिल हैं।
कोविंद ने कहा कि भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ राजनीतिक, सुरक्षा संबंधी, आर्थिक और सांस्कृतिक गठबंधन के माध्यम से दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ पुराने संबंध को मजूबती प्रदान करती है।
उन्होंने कहा, “इस संदर्भ में भारत क्षेत्र में शांति, स्थायित्व और समृद्धि के समर्थक के रूप में आसियान की अहमियत समझता है। हम आसियान की एकजुटता को अपना समर्थन जारी रखने की बात दोहराता हूं। हम नियमों पर आधारित खुली, समावेशिक, संतुलित व समतुल्य क्षेत्रीय व्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आसियान के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तत्पर हैं।”
उन्होंने कहा कि आसियान और भारत के बीच ऐतिहासिक व भौगोलिक बंधन है।
राष्ट्रपति ने कहा, “संस्कृति, वाणिज्य, संपर्क, विचार व चिंतन ने हमें एक समान सूत्र में बांध रखा है।”
उन्होंने कहा, “हमारी साझेदारी साझी विरासत पर आधारित है और यह जनता से जनता के बीच संपर्क की आधारशिला पर बनी है और हजारों साल से संपोषित है। स्मरणीय सम्मेलन का विषय, ‘साझा मूल्य, समान नियति’ है, जो साझे भविष्य के लिए काम करने की हमारी आकांक्षा का द्योतक है।।”
राष्ट्रपति की ओर से दिए गए भोज में पहुंचे आसियान देशों के दस राष्ट्राध्यक्षों में ब्रुनेई के सुल्तान हाजी हसनल बोल्किया, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो, फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते, कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन सेन, सिगापुर के प्रधानमंत्री ली हसियेन लूंग, मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रजाक, थाईलैंड के प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा, म्यांमार के प्रधानमंत्री ग्यूयेन जुआन फुक और लाओस के प्रधानमंत्री थोंग्लोउन सिसोउलिथ शामिल थे।
पहली बार गणतंत्र दिवस समारोह में इन दस देशों के प्रमुख एक साथ शुक्रवार को बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे।
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