नई दिल्ली, 29 जनवरी (आईएएनएस)। आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 में कहा गया है कि नोटबंदी के बाद देश में करदाताओं के आधार में वृद्धि हुई है। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया।
सर्वेक्षण में कहा गया है, “यह पाया गया कि नए कर दाताओं में 0.8 फीसदी की मासिक वृद्धि दर (10 फीसदी का सालाना वृद्धि दर) रही है।”
सर्वेक्षण में कहा गया है, “साल 2017 के नवंबर में करदाताओं की संख्या पूर्व में हो रही प्रगति के आधार पर लगाए गए अनुमानों की तुलना में 30 फीसदी अधिक रही। इसका मतलब यह है कि नोटंबदी और जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के कारण 18 लाख से अधिक नए करदाता सामने आए हैं, जो कि वर्तमान करदाताओं की संख्या का तीन फीसदी है।”
सर्वेक्षण के मुताबिक, नए करदाताओं ने औसत रूप से अपनी आय 2.5 लाख रुपये की आय सीमा के करीब होने की जानकारी दी है।
सर्वेक्षण में कहा गया है, “समय के साथ आय में होनेवाली वृद्धि से कई नए करदाता आयकर चुकाने योग्य हो जाएंगे, जिससे राजस्व में बढ़ोतरी होगी।”
सर्वेक्षण के मुताबिक, नोटबंदी और जीएसटी का मुख्य लक्ष्य अर्थव्यवस्था में औपचारिक क्षेत्र को बढ़ाना, अधिक से अधिक भारतीयों को आयकर के दायरे में लाना था।
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