नई दिल्ली, 29 जनवरी (आईएएनएस)। आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 में वैश्विक विकास की राह में खतरा पैदा करने वाले भूराजनीतिक व भौगोलिक-आर्थिक घटनाओं व परिदृश्यों को सूचीबद्ध किया गया है, जिनमें कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव की स्थिति और सऊदी अरब की तेल कंपनी अरैमको के कारण तेल की कीमतों में इजाफा शामिल है।
वित्तमंत्री अरुण जेटली की ओर से सोमवार को संसद में पेश आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया-“कौन-कौन से खतरे हैं? निस्संदेह, भू-राजनीतिक व भू-आर्थिक खतरे हैं। कोरियाई प्रायद्वीप में युद्ध के हालात और मध्यपूर्व में उथल-पुथल, सऊदी अरब की कंपनी अरैमको द्वारा तेल उत्पादन में कटौती से तेल की कीमतों में इजाफा कुछ बड़े खतर हैं।”
इसके अलावा, चीन में पूंजी पर नियंत्रण के रूप में चीन की साख में अभूतपूर्व अभिवृद्धि, आर्थिक विकास में गिरावट व मुद्रा का अवमूल्यन और व्यापारिक तनाव से दिक्कतें पैदा हो सकती हैं।
आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुसार विश्व की अर्थव्यवस्था मौजूदा दौर में 2010 से सुधार की ओर उन्मुख है।
सर्वेक्षण में कहा गया कि करीब तीन चौथाई देशों में 2017 में आर्थिक विकास में सुधार दर्ज किया गया।
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