बेतिया, 14 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकिनगर व्याघ्र परियोजना क्षेत्र में एक बाघ और तेंदुए के बीच संघर्ष में तेंदुए की मौत हो गई। तेंदुए के शव को वन विभाग के अधिकारियों ने बरामद कर लिया है।
वन विभाग के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि एक बाघ ने वाल्मीकि टाइगर रिजर्व प्रमंडल-2 के जटाशंकर वन परिसर में वन संख्या 31 के समीप तीन दिन पूर्व एक बाघ ने चीतल हिरण का शिकार किया था। कहा जाता है कि बाघ अपने शिकार को दो-तीन दिन बाद ही खाता है।
अधिकारी ने बताया कि मंगलवार की रात बाघ जब अपने रखे शिकार के पास पहुंचा, तो देखा कि एक तेंदुआ उसके शिकार को खा रहा है। यह देख बाघ ने तेंदुए पर हमला कर दिया।
वनपाल बी़ क़े पाठक ने आईएएनएस को बताया कि इस संघर्ष में तेंदुए की मौत हो गई। मृत तेंदुए के शरीर के विभिन्न जगहों पर बाघ के पंजे के निशान हैं। आसपास की जमीन पर खून बिखरा पड़ा है। तेंदुए के शव के पास ही चीतल हिरण का शव भी पड़ा हुआ है, उसका कुछ हिस्सा गायब है। उन्होंने बताया कि इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तेंदुआ के शव का बिसरा फॉरेंसिक जांच के लिए देहरादून भेजा जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद शव को वन क्षेत्र में ही दफना दिया जाएगा।
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