नई दिल्ली, 14 फरवरी (आईएएनएस)। एचआईवी मरीजों की वाइरल लोड जांच के लिए मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर लिमिटेड व राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (एनएसीओ) ने पीपीपी मोड के तहत भागीदारी की है। इसके लिए भारत सरकार ने मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर लिमिटेड को हाल ही में देश के 525 एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (एआरटी) केन्द्रों का अनुबंध दिया है। इससे देश में एचआईवी रोगियों के उपचार में व्यापक बदलाव आ सकेगा।
मेट्रोपोलिस ने एचआईवी रोगियों के वाइरल लोड टेस्टिंग की पहल 8 फरवरी, 2018 से शुरू की है।
लोगों की जिन्दगी में सकारात्मक बदलाव लाने के अपने सीएसआर प्रतिबद्धता के अनुरूप यह साझेदारी मेट्रोपोलिस की सामाजिक दायित्व निभाने की वचनबद्धता है।
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के उप महानिदेशक डॉ. नरेश गोयल ने कहा कि 8 फरवरी एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि पहली बार हमनें वाइरल लोड टेस्टिंग को रूटीन टेस्ट के रूप में चालू किया है। हमें अत्यन्त खुशी है कि इस प्रोजेक्ट को डिलीवर करने के लिए मेट्रोपोलिस हमारा पार्टनर होगा। एड्स कंट्रोल प्रोग्राम तथा इसके प्रसार में कमी लाने के लिए राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (एनएसीओ) मॉडल को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। हमने वर्ष 2000 से एचआईवी के प्रसार में 67 प्रतिशत कमी दर्ज की है।
मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर लिमिटेड के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. सुशील शाह ने कहा कि यह हमारे लिए अत्यन्त गर्व की बात है। मेट्रोपोलिस पहली लेबोरेट्री थी जिसने वर्ष 1985 में एचआईवी की जांच शुरू की थी। यह 2005 से एचआईवी वाइरल लोड टेस्टिंग कर रही है। गुणवत्ता तथा अनुभव के आधार पर हमें पूर्ण विश्वास है कि इस भागीदारी द्वारा हम एचआईवी पीड़ित लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव ला सकेंगे।
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