नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। एक सड़क दुर्घटना में अपना बायां पैर खोने वाली भारतीय पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी मानसी जोशी ने भारत सरकार से कृत्रिम अंगों पर सब्सिडी देने और उन्हें कर मुक्त करने का आग्रह किया है।
नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। एक सड़क दुर्घटना में अपना बायां पैर खोने वाली भारतीय पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी मानसी जोशी ने भारत सरकार से कृत्रिम अंगों पर सब्सिडी देने और उन्हें कर मुक्त करने का आग्रह किया है।
अपने करियर में कई उपलब्धियां हासिल करने वालीं मानसी का कहना है कि अगर सरकार ऐसा करती है, तो इससे कई लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
मानसी ने कहा कि अन्य देशों की तरह ही भारत में भी कृत्रिम अंगों का बीमा होना चाहिए।
पिछले साल हुए पैरा-बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप में भारत के लिए कांस्य पदक जीतने वाली मानसी ने आईएएनएस को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “विकासशील देशों में कृत्रिम अंगों का बीमा होता है और मुझे लगता है कि भारत में भी ऐसा होना चाहिए। इन पर सब्सिडी मिलनी चाहिए और इन्हें कर मुक्त करना चाहिए।”
मानसी ने 22 साल की उम्र में ट्रक से हुई दुर्घटना में अपना बायां पैर गंवा दिया था।
अहमदाबाद निवासी मानसी का कहना है कि कृत्रिम अंग बहुत महंगे हैं और इन्हें खरीद पाना बहुत मुश्किल होता है। उन्होंने कहा, “स्थायी रूप से विकलांगता के लिए बीमा होता है, लेकिन कृत्रिम अंगों के लिए नहीं। इनकी कीमत 20 से 50 लाख रुपये के करीब होती है और इन्हें पांच से अधिक साल तक इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।”
बकौल मानसी, “अगर कोई अपना सारा पैसा कृत्रिम अंगों पर ही लगा दे, तो ऐसे में अन्य चीजों और प्रशिक्षण के लिए धन का इंतजाम कर पाना मुश्किल हो जाता है। हालांकि, भारत सरकार की ओर से पैरा एथलीटों के लिए मदद की जा रही है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।”
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छे प्रदर्शन के बावजूद मानसी को लगता है कि पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ियों के पास अवसरों का अभाव है।
उन्होंने कहा, “भारत में विश्व के सर्वश्रेष्ठ पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी हैं और हम विभिन्न वर्गो में शीर्ष-10 खिलाड़ियों की सूची में शामिल रहते हैं। इसके बावजूद, भारत में इसके प्रति जागरूकता बेहद कम है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हमारे बारे में काफी कुछ लिखा गया है, लेकिन भारत में हम जैसे खिलाड़ियों को लेकर बहुत कम जानकारी दी गई है।”
मानसी ने कहा, “भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों सायना नेहवाल, पी.वी. सिंधु, श्रीकांत किदांबी जैसे खिलाड़ियों की सफलताओं के बाद हम पैरा खिलाड़ियों के बारे में काफी कुछ जानकारी फैलाई गई है, लेकिन अब भी राष्ट्रीय स्तर पर बहुत कुछ किया जाना बाकी है।”
मानसी का ध्यान अब पूरी तरह से पैरा-एशियाई खेलों पर है, जिसका आयोजन जकार्ता में इस साल अक्टूबर में होगा।
मानसी ने वेलस्पन ग्रुप का शुक्रिया अदा किया जो सभी अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में होने वाले खर्चो का ध्यान रख रहा है।
उन्होंने कहा, “वेलस्पन पिछले साल जुलाई से हमारा समर्थन कर रहा है। उनकी ओर से की जाने वाली मदद, प्रेरणा और समर्थन शानदार है और मैं इसके लिए वेलस्पन का शुक्रिया अदा करती हूं।”
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