भोपाल :वन, जैव-विविधता एवं जैव-प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने युवाओं का आव्हान किया है कि वे वन्य-प्राणी सप्ताह के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने कहा है कि वनों एवं वन्य-प्राणियों के प्रति संवेदनशीलता एवं उनकी हित-चिंता हमारी संस्कृति है।
डॉ. शेजवार ने कहा कि वन्य-प्राणियों के संरक्षण का संदेश प्रदेश के सुदूर अंचलों तक पहुँचाने के लिये एक से सात अक्टूबर तक वन्य-प्राणी सप्ताह मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सक्रिय वन्य-प्राणी प्रबंधन की शुरूआत हुई है, जिससे अनाथ बाघ शावकों की प्राकृतिक परिवेश में परवरिश कर उन्हें सतपुड़ा और संजय टाइगर रिजर्व में उन्मुक्त किया गया है। शाकाहारी वन्य-प्राणियों को बिना क्षति पहुँचाये पकड़ने के लिये आवश्यक हुनर का विकास किया जा रहा है। इससे वन क्षेत्रों के बाहर फसलों को नुकसान पहुँचाने वाले वन्य-प्राणी समूहों को पकड़कर उपयुक्त क्षेत्रों में पहुँचाना संभव हो सकेगा। वनवासियों की सहमति से संरक्षित क्षेत्रों से ग्रामों के विस्थापन के लिये किये गये कार्य पूरे देश में आदर्श माने गये हैं। प्रदेश के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को सरकार द्वारा पुरस्कृत भी किया गया है।
डॉ. शेजवार ने कहा है कि वन्य-प्राणी सप्ताह में जागरूकता लाने के उद्देश्य से विद्यालयों और महाविद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रम किये जायेंगे। उन्होंने वन्य-प्राणी सप्ताह पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।
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