राष्ट्रमंडल खेल (भारोत्तोलन) : चानू को सोना, गुरुराजा के हाथ रजत (राउंड़अप)

गोल्ड कोस्ट (आस्ट्रेलिया), 5 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत यहां गुरुवार पहले दिन भारोत्तोलन प्रतियोगिता में मिले पदकों के कारण 21वें राष्ट्रमंडल खेलों की पदक तालिका में अपना स्थान बना पाया है।

महिला भारोत्तोलक एस. मीराबाई चानू ने जहां 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता, वहीं गुरुराज ने पुरुषों के 56 किलोवर्ग का रजत पदक अपने नाम किया।

स्टार भारतीय महिला भारोत्तोलक चानू ने सभी की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए 48 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। मणिपुर की चानू ने इस स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया और अपने प्रतिद्वंद्वियों को आस-पास भी नहीं भटकने दिया। चानू ने एक साथ राष्ट्रमंडल खेलों का रिकार्ड और गेम रिकार्ड अपने नाम किए।

चानू ने स्नैच में 86 का स्कोर किया और क्लीन एंड जर्क में 110 स्कोर करते हुए कुल 196 स्कोर के साथ स्वर्ण अपने नाम किया। स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों में चानू का यह व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उन्होंने साथ ही दोनों में राष्ट्रमंडल खेल का रिकार्ड भी अपने नाम किया है।

चानू ने विश्व चैम्पियन और नाइजीरिया की ऑगस्टिना नवाओकोलो का गेम रिकॉर्ड तोड़ा, जो 175 किलोग्राम का था। यह रिकॉर्ड उन्होंने 2010 में बनाया था।

चानू का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का रिकॉर्ड 194 किलोग्राम का था, जो उन्होंने पिछले साल विश्व चैम्पियनशिप में बनाया था। इसमें उन्होंने खिताबी जीत हासिल की थी।

स्पर्धा का रजत पदक मौरिशस की मैरी हैनित्रा के नाम रहा, जिन्होंने कुल 170 किलोग्राम भार उठाया जबकि श्रीलंका की दिनुशा गोमेज 155 किलोग्राम भार उठा कर कांस्य जीतने में सफल रहीं।

चानू ने शानदार शुरूआत की और पहले प्रयास में 80 किलोग्राम का भार उठाया। इसके बाद उन्होंने 84 किलोग्राम और 86 किलोग्राम भार उठा कर अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हासिल किया।

ब्रेक में चानू, मैरी पर 10 किलोग्राम की बढ़त के साथ गईं।

क्लीन एंड जर्क में भारतीय खिलाड़ी ने शानदार शुरूआत की पहले प्रयास में 103 किलोग्राम का भार उठाया। इसके बाद उन्होंने 107 किलोग्राम का भार उठाने में सफलता हासिल की। आखिरी प्रयास में 110 किलोग्राम का भार उठाते हुए चानू ने भारत की झोली में स्वर्ण डाला। 110 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क में चानू का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

इससे पहले, गुरुवार को ही भारोत्तोलान में ही गुरुराज ने इन खेलों का पहला पदक दिलाया था। वह पुरुषों की 56 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा में रजत जीतने में सफल रहे थे।

गुरुराज ने स्नैच में 111 का स्कोर किया तो वहीं क्लीन एंड जर्क में 138 का स्कोर किया। उन्होंने कुल 249 का स्कोर करते हुए पदक अपने नाम किया।

इस स्पर्धा का स्वर्ण मलेशिया के मुहामेद इजहार अहमद हाजालवा के नाम रहा। उन्होंने कुल 261 का स्कोर किया। उन्होंने स्नैच में 117 का स्कोर किया जो एक नया गेम रिकार्ड है। इस मामले में उन्होंने नई दिल्ली में 2010 में खेले गए राष्ट्रमंडल खेलों में अपने हमवतन इब्राहिम द्वारा स्थापित किए रिकार्ड को ध्वस्त किया।

क्लीन एंड जर्क में मलेशियाई खिलाड़ी ने 144 का स्कोर किया।

स्पर्धा में कांसा श्रीलंका के चाटुरंगा लकमल के नाम रहा। उन्होंने स्नैच में 110 और क्लीन एंड जर्क में 134 का स्कोर किया।

इजहार ने पिछले साल राष्ट्रमंडल चैम्पियनशिप में जीत हासिल की थी। उन्होंने एक किलोग्राम से अपने उस स्कोर को बेहतर किया।

फिजी के मैनुएली तुलो ने काफी मेहनत की, लेकिन वो सिर्फ चौथा स्थान हासिल कर सके। तुलो काफी समय तक पदक की दौड़ में थे लेकिन आखिरी के दो प्रयासों में वो सफलता हासिल नहीं कर सके और पदक से चूक गए।

गुरुराज ने अच्छी शुरूआत की और पहले प्रयास में ही बढ़त ले ली। उन्होंने स्नैच में पहला प्रयास 107 किलोग्राम के किया जो सफल रहा।

तुलो ने दूसरे प्रयास में 108 किलोग्राम का भार उठाया, लेकिन उनके प्रयास में तकनीकी गलती के कारण ज्यूरी ने उसे नकार दिया।

लकमल ने 110 किलोग्राम का पहला भार उठाया और सफलता हासिल की। इजहार ने हालांकि 114 किलोग्राम का भार उठाते हुए सफलता हासिल की।

इसके बाद उन्होंने दूसरे प्रयास में 117 किलोग्राम का भार उठाते हुए गेम रिकार्ड हासिल किया। उनके पास अपने इस रिकार्ड को और बेहतर करने का मौका था लेकिन 119 किलोग्राम के प्रयास में वह चूक गए।

हालांकि, इसी प्रतियोगिता में पुरुषों के 62 किलोवर्ग में हमें हार का सामना करना पड़ा। मुथुपंडी राजा को छठा स्थान हासिल हुआ। उन्होंने कुल 266 किलो भार उठाया।

भारत के 18 वर्षीय मुथुपंडी का स्नैच में अच्छा प्रदर्शन रहा। उन्होंने 116 किलो का भार उठाया, वहीं क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 150 किलो का भार उठाया।

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