नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। विकास एवं शांति के लिए संयुक्त राष्ट्र की पहल के रूप में मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस से भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी युवराज सिंह कई प्रकार से जुड़े हुए हैं। युवराज ने पहले भी यूनीसेफ के लिए की गई कई पहलों का समर्थन किया है, जो उनके गैर-सरकारी संगठन यू-वी-कैन के जरिए अब भी जारी है।
इस संस्था यू-वी-कैन (युवराज सिंह फाउंडेशन) की स्थापना साल 2009 में हुई थी, जो स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल के प्राथमिक क्षेत्रों में काम कर रही है।
इस संस्था का मुख्य लक्ष्य कैंसर और इसके बचाव के लिए जागरूकता फैलाना है। शुक्रवार को संस्था ने दो नई पहल शुरू कीं। इनके जरिए युवाओं को कैंसर के प्रति जागरूक और कैंसर परिचयन शिविरों के प्रति सक्रिय किया जाएगा।
इस बारे में क्रिकेट खिलाड़ी व यू-वी-कैन के संस्थापक युवराज सिंह ने कहा, “विकास एवं शांति के लिए अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मैं यू-वी-कैन फाउंडेशन में इन नई पहलों के जरिए कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाकर खुद को काफी सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं। मैं खुद को एक उदाहरण के तौर पर रखकर यह बता सकता हूं कि किस प्रकार खेल एक इंसान के जीवन को बदल सकता है और उसे सभी बुरी चीजों के खिलाफ लड़ने की क्षमता देता है।”
‘गिफ्ट ए स्माइल’ अभियान का लक्ष्य स्कूल, कॉलेजों, शैक्षिक संस्थानों और कॉर्पोरेट जगत से युवाओं को संवेदनशील और संगठित करना है, ताकि वे सभी एकसाथ आकर जरूरतमंद कैंसर मरीजों के प्रति जागरूकता फैलाएं और फंड जुटाएं। इस अभियान के तहत कैंसर पीड़ितों और उनकी देखभाल करने वालों के साथ-साथ कैंसर जैसी बीमारी से बचने वाले लोगों का समर्थन किया जाएगा।
इस अभियान के पीछे एक नई सोच भी शामिल है, जिसमें युवाओं को यू-वी-कैन पहल से जोड़ा जाएगा और उन्हें साथ ही कम उम्र से ही दूसरों की सहायता करने के मूल्यों का महत्व भी समझाया जाएगा।
संस्था ने इसके लिए कैंसर परिचयन शिविरों के लिए नए दरवाजे भी खोले हैं। इसमें कैंसर की जल्द पहचान के लिए जरूरतमंद को सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इसमें ओरल कैंसर स्क्रीनिंग और स्तन कैंसर स्क्रीनिंग की सुविधाएं शामिल हैं। हर कैंसर स्क्रीनिंग शिविर में स्तन कैंसर की स्क्रीनिंग ‘आई-ब्रेस्ट एक्जाम्स’ के जरिए होगी।
इन शिविरों से विभिन्न क्षेत्रों में लगे लगभग 120 कैंसर परिचयन शिविर और पिछड़े वर्ग की पृष्ठभूमि के करीब 105,000 लोग सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। इसके साथ ही यू-वी-कैन संस्था उन कैंसर रोगियों को उपचार प्रदान करने के लिए भारत भर में विभिन्न अस्पतालों के साथ साझेदारी करने की प्रक्रिया में है, जो गरीबी रेखा के नीचे हैं और स्वयं या उनके परिवार के सदस्यों के लिए चिकित्सा उपचार नहीं दे सकते।
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