राष्ट्रमंडल खेल (भारोत्तोलन) : प्रदीप को रजत, पूर्णिमा, लालचानहीमी, गुरदीप विफल (राउंडअप)

गोल्ड कोस्ट (आस्ट्रेलिया), 9 अप्रैल (आईएएनएस)। यहां जारी 21वें राष्ट्रमंडल खेलों के पांचवें दिन सोमवार को भारत को भारोत्तोलन में सिर्फ एक पदक मिला। तीन भारोत्तोलक पदक से महरूम रहे।

पुरुषों की 105 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा में प्रदीप ने भारत को रजत पदक दिलाया। गुरदीप 105 किलोग्राम भारवर्ग से ज्यादा की स्पर्धा में पदक से चूक गए।

महिलाओं में 90 किलोग्राम भारवर्ग में लालचानहीमी और 90 किलोग्राम भारवर्ग से ज्यादा की स्पर्धा में पूर्णिमा पांडे ने निराश किया।

इन राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को अधिकतम स्वर्ण पदक भारोत्तोलन से ही मिले हैं। पांचवें दिन भी भारत के हिस्से पहला पदक स्वर्ण आता लग रहा था, लेकिन प्रदीप थोड़ी से चूक कर गए।

उन्होंने स्नैच में 152 किलो का सर्वाधिक भार उठाया तो वहीं क्लीन एंड जर्क में 200 किलो का सर्वाधिक भार उठाया। प्रदीप ने कुल 352 किलो का भार उठाया।

वह स्वर्ण की दौड़ में थे, लेकिन क्लीन एंड जर्क में आखिरी दो प्रयासों में असफल रहने के बाद उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

स्पर्धा का स्वर्ण पदक समोआ के सोनेले माओ को मिला जिन्होंने 360 का कुल स्कोर किया। कांस्य पदक पर इंग्लैंड के ओवेन बोक्सल ने कब्जा किया, जिन्होंने कुल 351 का स्कोर किया। उन्होंने स्नैच में 152 किलो का सर्वश्रेष्ठ भार उठाया।

यह भारत का भारोत्तोलन में सातवां पदक है।

गुरदीप भी पदक के काफी करीब जा रहे थे लेकिन अंत में कुछ प्रयासों में असफल होने के बाद उन्हें चौथा स्थान मिला। उन्होंने स्नैच में 175 का सर्वाधिक भार उठाया तो वहीं क्लीन एंड जर्क में 207 का सर्वाधिक भार उठाया। उनका कुल स्कोर 207 रहा।

क्लीन एंड जर्क में गुरदीप के दो प्रयास और स्नैच में एक प्रयास असफल रहे और इसी कारण वह पदक से चूक गए। न्यूजीलैंड के डेविड लिटी ने 403 का कुल स्कोर कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। उन्होंने गेम रिकार्ड बनाते हुए सोने का तमगा हासिल किया।

समोआ के लाओटिटी लुई कुल 400 के स्कोर के साथ रजत पदक हासिल करने में सफल रहे। कांस्य पदक पाकिस्तान के मोहम्मद नूह के हिस्से आया जिन्होंने 395 का कुल भार उठाया।

लालचानहीमी की 90 किलोग्राम भारवर्ग में और पूर्णिमा को 90 से ज्यादा किलोग्राम भारवर्ग में पदक की आस पूरी नहीं हो सकी।

स्नैच में पूर्णिमा ने 94 किलो का भार उठाया। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 118 का भार उठाया।

पूर्णिमा स्नैच और क्लीन एंड जर्क में अपने किसी भी प्रयास में असफल नहीं रहीं, लेकिन अन्य प्रतिभागियों ने उनसे अधिक भार का चुनाव करते हुए सफलता हासिल की और ऐसे में वह पदक की दावेदारी से बाहर हो गईं।

इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक सामोआ की फेगाइगा स्टोवर्स ने जीता। उन्होंने कुल 253 किलो का भार उठाया, वहीं नाउरु की करिज्मा अमोए-टारांट ने 243 किलो का भार उठाकर रजत पदक पर कब्जा जमाया।

इंग्लैंड की एमिले कैम्पबेल ने अमोए से एक किलो कम 242 किलो का भार उठाकर कांस्य पदक हासिल किया।

महिलाओं की 90 किलोग्राम भारवर्ग में लालचानहीमी ने स्नैच और क्लीन एंड जर्क में कुल 194 किलोग्राम का भार उठाया, जो अन्य प्रतिस्पर्धियों की तुलना में सबसे कम भार था।

स्नैच में लालचानहीमी ने पहली बारी में 85 किलो का भार उठाया और यह उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था, क्योंकि दूसरी और तीसरी बारी में वह 89 किलो का भार उठाने में असफल रहीं।

क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 109 किलो का भार उठाकर अच्छा प्रदर्शन किया। पहले प्रयास में उन्होंने 105 किलो का भार उठाया। हालांकि, वह तीसरे प्रयास में 113 किलो का भार उठाने में असफल रहीं और इस कारण पदक की दावेदारी से बाहर हो गईं।

इस स्पर्धा में फिजी की एलीन सिकामाटाना ने 233 किलोग्राम का भार उठाकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया, वहीं आस्ट्रेलिया की केटी फासीना को रजत पदक हासिल हुआ। उन्होंने कुल 232 किलोग्राम का भार उठाया।

कैमरून की क्लेमेंटीने मेयुकेउग्नी नोमबीसी ने 226 किलोग्राम का भार उठाकर तीसरा स्थान हासिल करते हुए कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।

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