पटना, 4 अक्टूबर -बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार को विजयदशमी पर गांधी मैदान में रावण दहन के बाद मची भगदड़ में मरने वालों की संख्या 33 तक पहुंच गई है, जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस बीच शुक्रवार की देर रात मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में दशहरा के मौके पर रावण दहन कार्यक्रम के बाद मची भगदड़ में मरने वालों की संख्या 33 हो गई है। गृह सचिव आमिर सुबहानी ने इसकी पुष्टि की है। मृतकों में महिलाएं और बच्चों की संख्या अधिक है।
अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) गुप्तेश्वर पांडेय ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी गांधी मैदान में रावण दहन के बाद भारी संख्या में लोग रामगुलाम चौक की ओर से एक्जीबिशन रोड की ओर निकले थे, इसी दौरान भगदड़ मच गई।
इस बीच मुख्यमंत्री ने पीएमसीएच पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और पीएमसीएच प्रशासन को इलाज में कोई भी कोताही नहीं बरतने का निर्देश दिया।
राज्य सरकार ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। पूरे मामले की जांच अपर पुलिस महानिदेशक और गृह सचिव करेंगे।
सरकार ने मृतकों के परिजनों को तीन-तीन लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये तथा मामूली रूप से घायल होने वालों को 20-20 हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।
घटना के बाद सरकार ने एक हेल्पलाइन जारी कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि 19 नवंबर, 2012 को भी पटना के छठ घाट पर मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई थी।
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