नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। माइक्रोसॉफ्ट की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निग (एमएल) प्रौद्योगिकी अपोलो हॉस्पिटल्स को हृदय रोगों का सटीकता से अनुमान लगाने में मदद कर रही है। अस्पताल के एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
माइक्रोसॉफ्ट ने पिछले महीने अपोलो हॉस्पिटल्स के साथ हेल्थकेयर एआई की तैनाती के लिए साझेदारी की थी।
अपोलो हॉस्पिटल्स इंटरप्राइज लि. की संयुक्त प्रबंध निदेशक संगीता रेड्डी का कहना है, “अपोलो हॉस्पिटल्स ने उच्च गुणवत्ता की रोगनिरोधी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए काफी पहले कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लनिर्ंग और डेटा एनालिटिक्स जैसी टेक्नॉलजीज के सामथ्र्य को पहचान लिया था।”
उन्होंने कहा, “माइक्रोसॉफ्ट के साथ हमारी भागीदारी से हमें हर भौगोलिक क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की मांग पूरी करने एवं सेवा की उत्कृष्टता बनाए रखने में मदद मिलती है।”
देश में हर साल 30 लाख हृदयाघात की घटनाएं होती हैं तथा तीन करोड़ भारतीय हृदय रोग से पीड़ित हैं।
माइक्रोसॉफ्ट ने बुधवार को एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, “इन समाधानों की सबसे अच्छी बात ये है कि यह अपोलो हॉस्पिटल के डीपर्सनलाइज्ड निजी स्वास्थ्य आंकड़ों के आधार पर काम करते हैं, जो भारतीय आबादी के ही हैं।”
इसका मतलब यह है कि इस मॉडल की सटीकता अन्य देशों के मॉडल (अगर उसे भारत में इस्तेमाल किया जाए) से दोगुनी अधिक है, क्योंकि अन्य देशों की सामाजिक-आर्थिक, जैविक और पर्यावरणीय कारक अलग होते हैं।
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