सीबीडीटी ने सीमा-पार सौदों में पारदर्शिता के लिए टिप्पणियां मांगी

नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने शनिवार को एक अधिसूचना के मसौदे पर सभी हितधारकों और आम जनता से टिप्पणियां आमंत्रित की है, जिसका लक्ष्य सीमा-पार सौदों में अधिक पारदर्शिता लाना है।

सीबीडीटी द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि ये टिप्पणियां ईमेल के माध्यम से 30 अप्रैल तक भेजी जा सकती हैं।

सीबीडीटी के बयान में कहा गया है कि बेस क्षरण और लाभ स्थानांतरण (बीईपीएस) अधिनियम 5 के तहत, प्राधिकरण द्वारा अग्रिम नियमों के लिए स्थायी प्रतिष्ठान (पीई) के फैसलों का आदान-प्रदान न केवल उन सभी संबंधित देशों के साथ किया जाना चाहिए जिनके साथ करदाता लेनदेन करता है, बल्कि तत्काल मूल कंपनी और अंतिम मूल कंपनी के निवास के देश के साथ भी करना चाहिए।

बयान में आगे कहा गया है, “इसलिए, सीमा-पार लेन-देन में अधिक पारदर्शिता लाने के लिए बीईपीएस कार्य योजना के एक्शन 5 के तहत की गई सिफारिशों को लागू करने के लिए, फॉर्म 34 सी और 34 डी (एडवांस रूलिंग हेतु फॉर्म) को संशोधित करने की आवश्यकता है, ताकि विवरण जैसे नाम, पता और गैर-निवासियों के लिए जिस देश में रह रहे हैं, उस देश के तत्काल मूल कंपनी या अंतिम मूल कंपनी आदि के निवास का ब्यौरा आवेदन के समय ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए।”

बयान में कहा गया है कि इसके अलावा, वित्त अधिनियम, 2017 के तहत, एडवांस नियमों के प्रयोजन के लिए ‘आवेदक’ शब्द की परिभाषा में आयकर अधिनियम, 1961 (अधिनियम) की धारा 245 एन के क्लॉज (बी) को प्रतिस्थापित करके संशोधित किया गया है। इसलिए, नियम 44 ई और संबंधित फॉर्म में अधिनियम के अनुसार एकरूपता लाने के लिए परिणामस्वरूप संशोधन आवश्यक है।

बयान में कहा गया है, “मसौदा नियमों और प्रपत्रों पर टिप्पणियों और सुझावों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से 30 अप्रैल, 2018 तक ईमेल के जरिए टीएस डॉट एमएपीडब्ल्यूएएल एट एनआईसी डॉट इन पते पर भी भेजा जा सकता है।”

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493