पेशेवर मुक्केबाजी से अधिक ओलम्पिक स्वर्ण की चाह : अमित पंघल (साक्षात्कार)

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। आस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में इस महीने आयोजित 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में मुक्केबाजी की 46-49 किलोग्राम स्पर्धा का रजत पदक जीतने वाले अमित पंघल का कहना है कि उनके लिए ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीतने का सपना पेशेवर मुक्केबाज बनने से बड़ा है।

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। आस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में इस महीने आयोजित 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में मुक्केबाजी की 46-49 किलोग्राम स्पर्धा का रजत पदक जीतने वाले अमित पंघल का कहना है कि उनके लिए ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीतने का सपना पेशेवर मुक्केबाज बनने से बड़ा है।

22 साल के अमित ने माना कि पेशेवर मुक्केबजी में मुक्केबाजों को अधिक पैसा और सुविधाएं मिलती हैं लेकिन इसके बावजूद भारत में अधिकतर खिलाड़ियों का उद्देश्य ओलम्पिक में देश के लिए पदक जीतना है।

आईएएनएस से एक साक्षात्कार में अमित ने कहा, “ओलम्पिक में पदक जीतने के बाद ही मैं पेशेवर मुक्केबाजी में जाने की सोचूंगा। पेशेवर मुक्केबाजी में पैसा और सुविधाएं अच्छी हैं लेकिन भारत में अधिकतर मुक्केबाजों पहला लक्ष्य अभी भी ओलम्पिक में देश के लिए पदक जीतना ही है। मैं इससे इतर नहीं।”

अमित ने अजय सिंह की अध्यक्षता में शानदार काम रहे भारतीय मुक्केबाजी संघ (बीएफआई) की भी सराहना की और कहा कि महासंघ ने खिलाड़ियों का अच्छा पैसा एवं सुविधाएं देना शुरू कर दिया है।

अमित ने कहा, “भारतीय मुक्केबाजी महासंघ ने अब खिलाड़ियों पर अधिक ध्यान देना शुरु कर दिया है। संघ खिलाड़ियों को लगातार पैसा और सुविधाएं प्रदान करता है जिससे पिछले कुछ समय से मुक्केबाजों को काफी फायदा मिला है।”

अमित ने आगे कहा, “हम विदेशों में परीक्षण के लिए जा रहे हैं, जिससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है। महासंघ अक्टूबर एवं नवंबर में शायद एक लीग भी शुरू करने जा रही है, जिससे हमें काफी फायदा पहुंचेगा। अगर मुक्केबाज शीर्ष खिलाड़ियों का सामना करेंगे और अधिक प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे तो इससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा, जिससे उन्हें ओलम्पिक जैसे बड़े स्तर पर उन्हें काफी मदद मिलेगी।”

अमित ने पिछले वर्ष एशियाई मुक्केबाजी चैम्पिनशिप में कांस्य पदक जीता था और राष्ट्रमंडल खेलों में वह पदक का रंग बदलने में कामयाब रहे। हालांकि, फाइनल मैच में मिली हार पर निराशा जाहिर की।

उन्होंने कहा, “फाइनल मैच में स्वर्ण जीतने के इरादे के साथ ही रिंग में उतरा था लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। इसका मुझे दुख है। मैं अपनी रणनीति बनाने में चूक गया, जिसका मुझे नुकसान हुआ लेकिन एशियाई खेलों एवं टोक्यो ओलम्पिक में मैं ऐसी गलती दोबारा नहीं करूंगा।”

इस वर्ष 18वें एशियाई खेलों का आयोजन 18 अगस्त से दो सितंबर के बीच इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में होना है। भारतीय मुक्केबाज एशियाई खेलों के लिए विशेष तैयार हेतु अमेरिका दौरे पर जाएंगे, जहां वे माइकल जानसन अकादमी में 15 दिनों की ट्रेनिंग करेंगे।

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