भोपाल, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में उच्च न्यायालय स्तर से लेकर जिला न्यायालय, श्रम न्यायालयों और कुटुम्ब न्यायालयों में 22 अप्रैल को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन न्यायाधिपति, सर्वोच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण न्यायमूर्ति रंजन गोगोई के निर्देशानुसार मप्र उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश हेमंत गुप्ता एवं प्रशासनिक न्यायाधिपति, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष, मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर न्यायमूर्ति एस.के. सेठ के मार्गदर्शन में हो रहा है।
राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत विभिन्न न्यायालयों में रखे जाने वाले लम्बित प्रकरणों में आपराधिक मामले, बैंक रिकवरी संबंधी मामले, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरण, श्रम विवाद प्रकरण, विद्युत एवं जल-कर व बिल संबंधी प्रकरण, वैवाहिक प्रकरण, भूमि अधिग्रहण के प्रकरण, सेवानिवृत्ति संबंधी लाभों से संबंधित सेवा मामले, सिर्फ जिला व उच्च न्यायालयों में लम्बित राजस्व प्रकरण, दीवानी इत्यादि मामलों के अलावा मुकदमा पूर्व के प्रकरणों को शामिल किया गया है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में दीवानी एवं आपराधिक मामलों सहित सभी प्रकार के मामले रखे जाएंगे, जिनमें पक्षकार सौहार्दपूर्ण वातावरण में प्रकरणों का निराकरण करवाने के लिए प्रयास कर सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि विद्युत विभाग, नगर निगम, बैंक इत्यादि विभागों द्वारा भी न्यायालयों में लम्बित एवं प्रिलिटीगेशन प्रकरणों के लोक अदालत में निराकरण करवाने पर छूट प्रस्तावित की गई है। आम जनता और पक्षकार को इसका अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की गई है। लोक अदालत में मामले का आपसी समझौते से निराकरण होता है और जमा की गई कोर्ट फीस भी वापस की जाती है।
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