नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। ईंधन की कीमतों के पांच साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने पर पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने शुक्रवार को सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि पेट्रोल व डीजल की कीमतें मई 2014 से ज्यादा क्यों हैं, जबकि उस समय अंतर्राष्ट्रीय कीमतें आज की तुलना में ज्यादा थीं।
नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। ईंधन की कीमतों के पांच साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने पर पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने शुक्रवार को सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि पेट्रोल व डीजल की कीमतें मई 2014 से ज्यादा क्यों हैं, जबकि उस समय अंतर्राष्ट्रीय कीमतें आज की तुलना में ज्यादा थीं।
उन्होंने अपने श्रृंखलाबद्ध ट्वीट में कहा कि सरकार बेखबर है और इस मुद्दे पर कुप्रबंधन की शिकार है।
उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, “कच्चे तेल की प्रति बैरल 74 अमेरिकी डॉलर की कीमत, चार साल पहले के प्रति बैरल 105 अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अभी भी कम है। तो मई 2014 की तुलना में आज पेट्रोल व डीजल की कीमतें ज्यादा क्यों है? बीते चार सालों से भाजपा सरकार तेल की कीमतों से अप्रत्याशित लाभ उठा रही है। तेल के अप्रत्याशित लाभ को छोड़कर भाजपा सरकार को इस बारे में कुछ अता-पता नहीं है।”
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा शेखी बघारती है कि वह 22 राज्यों में सत्ता में है। तो फिर भाजपा सरकार पेट्रोलियम व पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के तहत लाने से इनकार क्यों कर रही है? इसका कारण भाजपा सरकार की ग्राहकों पर करों का बोझ लादने की नीति है।
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