समस्या व्यवसाय की नहीं लोगों की है : शिव खेड़ा

नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। असल समस्या व्यवसाय की नहीं बल्कि लोगों की है। एक बार इन समस्याओं का समाधान हो जाए तो व्यवसाय की समस्या का भी समाधान हो जाएगा। यह कहना है मोटिवेशनल गुरु शिवखेड़ा का जिनकी पांचवी किताब बाजार में आ चुकी है जबकि करीब 20 साल पहले आई उनकी पहली किताब अब दोबारा लांच होने जा रही है।

नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। असल समस्या व्यवसाय की नहीं बल्कि लोगों की है। एक बार इन समस्याओं का समाधान हो जाए तो व्यवसाय की समस्या का भी समाधान हो जाएगा। यह कहना है मोटिवेशनल गुरु शिवखेड़ा का जिनकी पांचवी किताब बाजार में आ चुकी है जबकि करीब 20 साल पहले आई उनकी पहली किताब अब दोबारा लांच होने जा रही है।

शिव खेड़ा ने आईएएनएस को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “मैं किसी उद्योग का विशेषज्ञ नहीं हूं लेकिन 40 साल से अधिक समय तक अमेरिका में रहने और 25 से ज्यादा देशों में काम करने के बाद मैंने पूरी दुनिया में पाया कि हमारे व्यवसाय में कोई दिक्कत नहीं होती, दिक्कत लोगों में होती है। अगर हम अपने लोगों की समस्याओं की परवाह करने लगें तो व्यवसाय की समस्याएं अपने आप सुलझ जाएंगी।”

क्या यह अलग-अलग परिस्थितियों में लोगों के लिए एक ही सुझाव की तरह नहीं लगता है, इस सवाल पर उन्होंने असहमति जताई और कहा, “लोगों की समस्याएं बिल्कुल एक जैसी तो नहीं हैं लेकिन बहुत हद तक उनमें समानता है। कई बार मुझसे पूछा जाता है कि क्या आप अपने श्रोताओं के बीच सांस्कृतिक अंतर नहीं पाते हैं? इस पर मेरा जवाब यही होता है कि मुझे भिन्नता से ज्यादा समानताएं देखने को मिलती हैं। भावनात्मक अपील एक जैसी होती है। निष्ठा और धोखा शब्द के अर्थ न्यूयार्क, नई दिल्ली और न्यूजीलैंड में एक ही समान होते हैं। वहां इन शब्दों के अर्थ में कोई अंतर नहीं होता है। कई बार सांस्कृतिक भिन्नताएं देखने को मिलती हैं, जो मुझे सतही मसले लगते हैं, हालांकि हो सकता है कि वे सतही मसले न हों।”

उन्होंने अपनी नवीनतम पुस्तक ‘यू कैन अचीव मोर’ में क्या संदेश दिए हैं। इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें इन वाक्यों में समझा जा सकता है;

1. अगर आप अलग दिखना चाहते हैं तो आपको कुछ अलग बेहतर करना होगा।

2. सकारात्मक मनोभाव वाले व्यक्ति को रोका नहीं जा सकता और नकारात्मक मनोभाव वाले व्यक्ति की कोई मदद नहीं की जा सकती।

3. वक्त हमें जिंदगी का मूल्य सिखलाता है। जिंदगी हमें वक्त की कीमत बताती है।

4. हादसा कोई हादसा नहीं है। हमेशा लापरवाह रवैये से हादसे होते हैं।

5. विजेता दिनों को जीतते हैं जबकि असफल व्यक्ति दिनों को गिनते हैं।

6. विजेता तैयार रहने और बचाव करने के दर्शन में जीते हैं न कि आश्रय तलाशते हैं व पश्चाताप करते हैं।

7. सफल व्यक्ति जो करना होता है वह आज ही करते हैं ताकि कल सुखद हो जबकि दूसरे लोग ऐसा नहीं करते हैं।

8. वास्तविकता को बदलने के लिए मानसिकता बदलिए।

9. सफल व्यक्ति इस बात में विश्वास करते हैं कि बड़ी तनख्वाह और उत्तरदायित्व की कमी साथ-साथ नहीं चलते।

शिव खेड़ा से जब पूछा गया कि यह कहना बहुत अच्छा है कि अगर आप अलग दिखना चाहते हैं तो कुछ खास कीजिए। मगर, आपको जब कुछ लोग नीचा दिखाना चाहेंगे तो आप उनसे कैसे निपटेंगे? इस सवाल पर उन्होंने कहा, “लोगों को नीचा दिखाने की बात कोई नई नहीं है और यह किसी एक देश या समाज में नहीं है बल्कि हर जगह है। जो लोग जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं वे न सिर्फ निरंतर सकारात्मक विचार रखते हैं बल्कि नकारात्मक विचारों से खुद को अलग रखते हैं। अगर हम स्वस्थ रहना चाहते हैं तो सिर्फ कसरत करने से काम नहीं चलेगा बल्कि हमें जंक फूड से भी दूर रहना होगा। इस प्रकार की बातें साथ-साथ चलती रहती हैं।”

खेड़ा से उनकी पुस्तक ‘यू कैन विन’ के प्रकाशित होने के बीस साल बाद दुनिया में स्पर्धा के मामले में आए बदलाव के बारे में पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा, ” मैंने हमेशा महसूस किया है कि स्पर्धा अच्छी बात है क्योंकि इससे जो अच्छा है वह बेहतर दिखता है और जो बुरा है वह बदतर बन जाता है। इसकी वजह है कि लोगों के पास आपकी तुलना करने के लिए कुछ होता है। अगर क्रेता के पास आपकी तुलना करने के लिए कुछ नहीं हो तो वे कैसे जानेंगे कि आप अच्छे हैं।”

शिव खेड़ा की पहली पुस्तक ‘यू कैन विन’ बीस साल पहले प्रकाशित हुई थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने 1992 में इस किताब को लिखना शुरू किया था। इससे पहले वह अपने विचार नैपकिन, रद्दी कागजों आदि पर रेस्त्रां में बैठकर या हवाई जहाज से यात्रा के दौरान लिखा करते थे। उन्होंने 1997 में इसकी पांडुलिपि पूरी की और उसी साल यह प्रकाशित भी हुई। अब तक इस किताब की 37 लाख प्रतियां बिक चुकी हैं और जुलाई में यह दोबारा लांच होने जा रही है।

भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने बताया, “अपने संदेशों को संस्थागत बनाने के लिए ऑनलाइन कार्यक्रम तैयार करना और कुछ शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से भविष्य में अच्छे नेता व मार्गदर्शक तैयार करने के लिए एक सेंटर ऑफ लीडरशिप एक्सीलेंस की स्थापना करना आगे की योजना है।”

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