भोपाल, 3 मई (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आनंद व्याख्यान के दौरान जीवन में आनंद का महत्व बताया और प्रसंगवश हंसते हुए कहा कि ‘मुझे जल्दी जाना है, मेरी कुर्सी पर अब कोई भी बैठ सकता है।’ मुख्यमंत्री के इस बयान ने राज्य की सियासत गरमा दी है। विपक्षी कांग्रेस ने कहा कि या तो शिवराज पद से हटाए जा रहे हैं या उन्हें अपनी हार का अहसास हो गया है।
दिल्ली से लौटने के बाद गुरुवार को शिवराज आनंद विभाग द्वारा प्रशासन अकादमी में आयोजित आनंद व्याख्यान में हिस्सा लेने पहुंचे। उन्होंने समय कम होने और अन्य कार्यक्रमों में जाने का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री की नाम-पट्टिका वाली खाली कुर्सी की ओर इशारा करते हुए कहा, “दुनिया में कुछ भी परमानेंट नहीं है, मैं जा रहा हूं लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कोई भी बैठ सकता है।”
मुख्यमंत्री के इस बयान के राजनीतिक हलकों में तरह-तरह के मायने निकाले जा रहे हैं। शिवराज सुबह ही दिल्ली से लौटे हैं और शुक्रवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भोपाल आ रहे हैं।
शिवराज के इस बयान पर चुटकी लेते हुए नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने ट्वीट किया, “क्या मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को हटाया जा रहा है या वे यह सच स्वीकार कर चुके हैं कि अबकी बार – कांग्रेस सरकार।”
सिंह ने एक अन्य ट्वीट में लिखा है, “मुख्यमंत्री ने 15 साल में जनता को कमतर ही समझ लिया। उनके साथ प्रचार का प्रपंच और पाखंड किया। अब जनता समझ गई आपके इस ‘पी’ को।”
प्रशासनिक अकादमी में दिए बयान के बाद सियासत गरमाने पर शिवराज ने ट्वीट किया, “कुछ नेता प्रदेश में सिर्फ चुनाव के समय दिखते हैं, बाकी समय अपने तुगलकी महलों में बिताते हैं। उनको लगता है कि कॉमनमैन को क्या पता चलेगा। एक फिल्म में मैंने सुना था, नेवर अंडरइस्टिमेट द पावर ऑफ कॉमनमैन.. जनता को पता है कि कौन उनके साथ हमेशा रहा है और हमेशा रहेगा।”
शिवराज के इस ट्वीट का नेता प्रतिपक्ष ने अपने ही अंदाज में जवाब दिया, “शिवराजजी! चुनावी साल में अब आपको फिल्मी डायलॉग याद आने लगे। आपने सही कहा- नेवर अंडरइस्टिमेट द पावर ऑफ कॉमनमैन। आप तो 15 साल रहे मध्यप्रदेश में, आपने क्या किया? चुनावी साल में भारतवर्ष के बजट बराबर घोषणाएं कर दी, आखिर इतनी घबराहट क्यों?”
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