आईपीएल-11 : आत्मविश्वास से भरी दिल्ली की हैदराबाद से होगी टक्कर

हैदराबाद, 4 मई (आईएएनएस)। नए कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में दो मैच जीतकर प्लेऑफ की दौड़ में अपने आप को बनाए रखने वाली दिल्ली डेयरडेविल्स इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 11वें संस्करण में अंकतालिका में शीर्ष पर काबिज सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ शनिवार को राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में उतरेगी।

दिल्ली को प्लेऑफ में जाने के लिए अपने बाकी के बचे सभी मैचों में जीत हासिल करनी होगी।

दिल्ली की टीम नौ मैचों में तीन में जीत और छह में हार के साथ छह अंक लेकर छठे स्थान पर बनी हुई है। वहीं हैदराबाद आठ मैचों में से छह में जीत हासिल करते हुए 12 अंकों के साथ पहले स्थान पर कायम है। चेन्नई सुपर किंग्स के भी 12 अंक हैं लेकिन चेन्नई ने हैदराबाद से एक मैच ज्यादा खेला है।

चेन्नई को भी शनिवार को दिन के पहले मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर से भिड़ना है। अगर वह जीत जाती है तो पहला स्थान उसका होगा लेकिन दिन के दूसरे मैच में अगर हैदराबाद जीतती है तो वह कुछ ही घंटों बाद शीर्ष स्थान पर वापसी कर लेगी।

दिल्ली की कमान जब से अय्यर के हाथों में आई है उसके खेल में निश्चित ही बदलाव देखने को मिला है। युवा खिलाड़ियों से सजी यह टीम आत्मविश्वास से भरपूर दिख रही है।

सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ अपनी उम्र से ज्यादा परिपक्वता वाला प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके साथ कोलिन मुनरो पारी की शुरुआत करने आते हैं। सलामी जोड़ी मजबूत होने के बाद टीम का मध्यक्रम भी मजबूत है। ऋषभ पंत इस सीजन में अच्छा खेल रहे हैं तो कप्तान अय्यर बल्ले से भी अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं।

परेशानी इसके बाद शुरू होती है। अगर यह चार बल्लेबाजों में कोई भी सफल नहीं होता है तो दिल्ली की पारी बिखर जाती है। क्रिस मौरिस के जाने से टीम को नुकसान हुआ है। उनके स्थान पर हरफनमौला खिलाड़ी विजय शंकर को अहम भूमिका निभानी होगी जिसमें वो अभी तक सफल नहीं हुए हैं। ग्लैन मैक्सवेल के स्वाभाविक खेल का अभी तक सभी को इंतजार है।

अय्यर इस मैच में मुनरो के स्थान पर इंग्लैंड के जेसन रॉय को टीम में शामिल कर सकते हैं।

गेंदबाजी में ल्याम प्लंकट और मोहम्मद शमी पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने मौका मिलने पर अपनी उपयोगिता साबित की है। आवेश खान ने पिछले मैच में निराश किया था। अय्यर उनको बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं।

हैदराबाद की ताकत उसकी गेंदबाजी है। टीम ने 118 रनों के लक्ष्य का भी बचाव किया है। राशिद खान और शाकिब अल हसन की स्पिन जोड़ी की इसमें अहम भूमिका रही है। दोनों मध्य के ओवरों में बल्लेबाजों को न रन बनाने देते हैं और न ही उन्हें विकेट पर जमे रहने देते हैं।

तेज गेंदबाजी में कौल और बासिल थम्पी ने भुवनेश्वर की कमी नहीं खलने दी है। भुवनेश्वर चोट के कारण पिछले कुछ मैचों से बाहर हैं। उनका शनिवार के मैच में खेलना शुक्रवार देर शाम होने वाले फिटनेस टेस्ट पर निर्भर करेगा।

बल्लेबाजी में कप्तान केन विलियमसन टीम की धुरी बने हुए हैं। उन्हें हालांकि कोई ऐसा बल्लेबाज नहीं मिल रहा है जो अपने प्रदर्शन में निरंतरता रखते हुए टीम को संभाल सके। शिखर धवन का बल्ला शुरू के मैचों में तो चला लेकिन उसके बाद गब्बर खामोश हो गया।

मध्यम क्रम में मनीष पांडे, दीपक हुड्डा, यूसुफ पठान को जिम्मेदारी लेते हुए बेहतर प्रदर्शन करना होगा। यह भी जानते होंगे कि हर मैच गेंदबाजी के दम पर नहीं जीता जा सकता।

टीमें :

सनराइजर्स हैदराबाद : केन विलियमसन (कप्तान), शिखर धवन, मनीष पांडे, भुवनेश्वर कुमार, रिद्धिमान साहा, सिद्धार्थ कौल, दीपक हुड्डा, खलील अहमद, संदीप शर्मा, यूसुफ पठान, श्रीवत्स गोस्वामी, रिकी भुई, बासिल थम्पी, टी. नटराजन, सचिन बेबी, बिपुल शर्मा, मेहंदी हसन, तन्मय अग्रवाल, एलेक्स हेल्स, कार्लोस ब्रैथवेट, राशिद खान, शाकिब अल हसन, मोहम्मद नबी, क्रिस जॉर्डन।

दिल्ली डेयरडेविल्स : श्रेयस अय्यर (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ग्लेन मैक्सवेल, अमित मिश्रा, शहबाज नदीम, विजय शंकर, राहुल तेवतिया, मोहम्मद शमी, गौतम गंभीर, ट्रेंट बोल्ट, कोलिन मुनरो, क्रिस मौरिस, विजय शंकर, डेनियल क्रिस्टियन, जैसन राय, नमन ओझा, पृथ्वी शाह, गुरकीरत सिंह मान, अवेश खान, अभिषेक शर्मा, जयंत यादव, हर्षल पटेल, मंजोत कालड़ा, संदीप लामीछाने, सायन घोष, लियाम प्लंकट, जूनियर डाला।

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