रियो डी जनेरियो, 7 मई (आईएएनएस)। पेरू की फुटबाल टीम के कप्तान पाओलो गुएरेरो ने छह माह के डोपिंग प्रतिबंध के बाद मैदान पर वापसी कर ली है।
गुएरेरो ने रविवार को ब्राजील सेरी-ए चैम्पियनशिप में इंटरनेशनल क्लब के खिलाफ फ्लामेंगो का प्रतिनिधित्व किया।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, माराकाना स्टेडियम में 60,000 प्रशंसकों के सामने फ्लामेंगो ने इंटरनेशनल क्लब को 2-0 से मात दी। अधिकतर प्रशंसक दूसरे हाफ में सब्सिटिट्यूट के रूप में उतरे गुएरोरो के लिए तालियां बजा रहे थे।
गुएरेरो ने संवाददाताओं से कहा, “पिछले छह माह में मैं जिन भी परिस्थितियों से गुजरा हूं, उसके बाद मैं इसका हकदार हूं। मैं आत्मविश्वास से भरपूर महसूस कर रहा हूं, क्योंकि में इस डोपिंग मामले में निर्दोष था। मैं खेलना चाहता हूं और फुटबाल मेरा जीवन है।”
गुएरेरो को पिछले साल दिसम्बर में प्रतिबंधित दवा बेंजोलेकगोनीने के सेवन का दोषी पाया गया था और इस कारण उन पर 12 माह का प्रतिबंध लगाया गया था।
इसके बाद फीफा की अपील समिति ने दो सप्ताह बाद इस प्रतिबंध को नवंबर से लागू किया।
गुएरेरो ने खेल पंचाट न्यायालय (सीएएस) के सामने अपील की। इसी न्यायालय में विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने गुएरेरो के प्रतिबंध की अवधि दो साल करने की अपील की थी।
पेरू के 34 वर्षीय खिलाड़ी ने कोकीन के इस्तेमाल की बात से साफ इनकार कर दिया। उनका दावा था कि उन्हें गलती से किसी ने पेय पदार्थ में यह दवा पिलाई।
सीएएस ने कहा कि वह इस मामले में इस सप्ताह तक फैसला सुना सकता है।
पेरू ने 14 मई तक एक अस्थायी फुटबाल टीम की घोषणा की है। 1982 के बाद से पहली बार पेरू ने विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया है।
रूस में होने वाले विश्व कप के लिए पेरू को ग्रुप-डी में शामिल किया गया है और वह 16 जून को डेनमार्क के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा।
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