औरंगाबाद (महाराष्ट्र), 12 मई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के औरंगाबाद में दो गुटों के बीच झड़प में एक शख्स की मौत हो गई, जबकि 10 पुलिसकर्मियों सहित 35 घायल हो गए।
झड़प की शुरुआत शुक्रवार देर शाम उस समय हुई, जब मोतीकरंजा में एक विशेष समुदाय से ताल्लुक रखने वाले सदस्यों के अवैध जल कनेक्शन हटा दिए गए। लोगों ने तुरंत ही हंगामा मचाना शुरू कर दिया और पत्थरबाजी करने लगे। दुकानों और वाहनों को भी निशाना बनाया गया।
पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंच गई, लेकिन वे हिंसा को काबू करने में नाकाम रहे। पुलिसकर्मियों ने हिंसक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार की और आंसू गैस के गोले और प्लास्टिक के छर्रे छोड़े। प्रभावित इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
औरंगाबाद के पुलिस आयुक्त मिलिंद भराम्बे ने कहा कि वहां दो दौर में हिंसा हुई, शुक्रवार शाम को हिंसा होने के बाद अगले दिन शनिवार को भी हिंसा हुई, लेकिन अब हालात नियंत्रण में हैं।
भराम्बे ने मीडिया को बताया, “यह एक छोटा सा मुद्दा था। अफवाहों के कारण इसे तूल मिला और तनाव बढ़ गया। कुछ असामाजिक तत्वों ने स्थानीय दुकानों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया।”
हिंसा का सबसे ज्यादा असर शाहगंज, नवाबपुरा, राजाबाजार और अंगरीबाग में देखने को मिला, जहां हालात काबू में होने के बाद भी तनाव कायम रहा।
राज्य सरकार ने राज्य रिजर्व पुलिस बल, भारतीय रिजर्व बटालियन की इकाइयों को तैनात किया साथ ही शांति बनाए रखने के लिए पड़ोसी शहर बीड और जलना में भी सुरक्षाकर्मियों को भेजा।
मुंबई में एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को मामले की जानकारी दी गई है, जबकि हालात का जायजा लेने के लिए राज्य के गृह मंत्री दीपक केसारकर औरंगाबाद जा रहे हैं।
इस बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मुख्यमंत्री से दंगे में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है।
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