जिला अस्पताल में 10 बेड का एईएस वार्ड व 10 बेड का आईसीयू है। शनिवार की सुबह एईएस वार्ड फुल था, जबकि आईसीयू में इंसेफेलाइटिस के तीन गंभीर मरीजों का इलाज चल रहा था। ये तीनों 10 साल से कम उम्र के बच्चे हैं। यह क्रम लगातार बना हुआ है।
डॉक्टरों के मुताबिक, रोज औसतन 10 मरीज आ रहे हैं जिनमे से दो से तीन को एक दो दिन आईसीयू में रखना पड़ रहा है। सभी सीएचसी व पीएचसी पर इंसेफेलाइटिस के लिए 4-4 बेड आरक्षित हैं।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बजरंगी पाण्डेय ने बताया कि जिला अस्पताल में एईएस व आईसीयू सक्रिय हैं। मरीजों के आने का सिलसिला लगातार बना हुआ है।
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