बंगाल में भाजपा के बंद से जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित (लीड-1)

कोलकाता, 3 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आहूत 12 घंटे के बंद के कारण रविवार को जनजीवन आंशिक रूप प्रभावित हुआ है।

बीते तीन दिनों में भाजपा के दो कार्यकर्ताओं की कथित तौर पर हत्या के मद्देनजर बंद का आह्वान किया गया।

वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने रविवार को पुरुलिया पहुंचकर पुलिस, तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया।

भाजपा नेता सयंतन बसु ने कहा, “तृणमूल, बदमाशों, माफिया और पुलिस ये सब मिलकर एक हो गए हैं। सिर्फ स्थानीय लोग उनके खिलाफ हैं। कई लोग जो पहले नक्सली हुआ करते थे, वे अब तृणमूल के लिए काम कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “इन हत्याओं से उन लोगों की मिलीभगत साबित हुई है।”

डाभा गांव में शनिवार सुबह 32 वर्षीय दुलाल कुमार का शव बिजली के खंभे से लटकता मिला था।

भाजपा का दावा है कि मृतक पार्टी का प्रमुख कार्यकर्ता था। भाजपा ने राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर हत्या का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है।

भाजपा के एक अन्य कार्यकर्ता त्रिलोचन महतो (20) का शव भी पिछले सप्ताह उसी जिले के बलरामपुर में पेड़ से लटकते पाया गया था। मृतक की टीशर्ट के पीछे एक संदेश भी लिखा गया था, जिसमें उस पर भाजपा का समर्थन करने का आरोप लगाया गया।

हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इन घटनाओं में अपना हाथ होने से इनकार किया है। राज्य सरकार ने मामले को आपराध जांच विभाग को सौंप दिया है।

बलरामपुर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा, “कानून-व्यवस्था नियंत्रण में है। हड़ताल ने आंशिक रूप से जनजीवन प्रभावित किया है।”

अधिकांश दुकाने बंद हैं। निजी वाहन सड़कों से नदारद हैं, जबकि सरकारी वाहन सड़कों पर नजर आ रहे हैं।

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता लॉकेट चट्टोपाध्याय ने कहा, “कुछ दिनों पहले अभिषेक बनर्जी (तृणमूल कांग्रेस नेता) ने कहा था कि वे पुरुलिया को किसी भी विपक्षी से रहित करना चाहते हैं। यह संदेश स्पष्ट था। दो घटनाओं ने दिखाया है कि इस संदेश का मतलब क्या था।”

कार्यकर्ताओं की हत्या के विरोध में बलरामपुर क्षेत्र और पश्चिम बंगाल में भाजपा ने विरोध प्रदर्शन किया।

भाजपा ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने ममता बनर्जी सरकार पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया है।

पुरुलिया के एसपी जॉय बिश्वास ने कहा कि प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला लग रहा है।

इस बयान के बाद बिश्वास को ममता बनर्जी सरकार ने राज्य सशस्त्र पुलिस 9वें बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर के पद पर स्थानांतरित कर दिया और आकाश मगारिया को पुरुलिया का एसपी बना दिया।

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