बीजिंग, 11 जून (आईएएनएस)। पुरातत्ववेत्ताओं ने पुष्टि करते हुए कहा है कि चीन के हीलोंगजिआंग प्रांत में लेसर खिंगन पर्वतों के पत्थरों पर मिली चित्रकारी 12,000 साल पुरानी है।
एक अनुसंधानकर्ता ने कहा कि पुरातत्ववेत्ताओं ने तीन मैमथ (हाथियों की प्राचीन प्रजाति) के चित्र की पुष्टि की है, जिसका मतलब है कि जानवरों के विलुप्त होने से पहले या कम से कम 12,000 साल पहले पत्थरों पर चित्रकारी होती थी।
हालांकि, पुरातत्वविद मानते हैं कि ये चित्र ब्रुश नहीं उंगलियों से बनाए गए थे और इन्हें बनाने में गेरू का उपयोग हुआ था।
उन्होंने कहा, “इतने लंबे समय तक पत्थर पर सिर्फ गेरू नहीं टिक सकती। इसे इतने लंबे समय तक बनाए रखने के लिए गेरू और पशुओं के अवशेष का मिश्रण बनाया गया है।”
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