श्रीनगर, 22 जून (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू होने के बाद शुक्रवार को अनंतनाग जिले में सुरक्षा बलों और इस्लामिक स्टेट (आईएस) से संबंधित आतंकवादियों के बीच हुई पहली मुठभेड़ में आईएस के चार आतंकवादी मारे गए।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एस.पी.वैद ने ट्वीट किया, “मारे गए आतंकवादी कथित रूप से इस्लामिक स्टेट जम्मू एवं कश्मीर (आईएसजेके) से जुड़े हुए थे।”
कश्मीर में आईएस आतंकवादियों के मारे जाने की यह पहली आधिकारिक पुष्टि है।
इस्लामिक स्टेट ने 2017 में अपनी वेबसाइट पर कहा था कि इसकी भारतीय शाखा अंसार गजवातुल हिंद का नेतृत्व कश्मीरी आतंकवादियों का कमांडर जाकिर मूसा कर रहा है।
मारे गए आतंकवादियों की पहचान एचएमटी श्रीनगर के रहने वाले आईएसजेके प्रमुख दाऊद सलाफी उर्फ बुरहान, पुलवामा जिले के तलंगम गांव के रहने वाले मजीद मंजूर, आदिल हसन मीर और अशरफ ईटू (दोनों अनंतनाग के श्रीगुफवाड़ा के रहने वाले) के रूप में हुई है।
खीरम गांव के एक घर में चार आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने कार्रवाई शुरू की। शुक्रवार तड़के हुई मुठभेड़ में एक नागरिक के मारे जाने के साथ ही एक पुलिसकर्मी भी शहीद हो गया।
बहुप्रतीक्षित सालाना अमरनाथ यात्रा शुरू होने में महज कुछ दिन रह गए हैं। आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने गांव की घेरेबंदी कर दी।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “घेरेबंदी कड़ी होने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई।”
वैद ने कहा, “मारे गए आतकंवादियों के शव उस घर के अंदर देखे जा सकते हैं, जहां वे छिपे हुए थे। हम उनके शवों को बरामद कर रहे हैं।”
पुलिस ने कहा कि मुठभेड़ में घर के मालिक मुहम्मद यूसुफ भी मारा गया, जबकि उसकी पत्नी हफीजा गोली लगने से घायल हो गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुठभेड़ के दौरान राज्य पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) का एक पुलिसकर्मी शहीद हो गया, जबकि तीन सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं।
मुठभेड़ स्थल से कुछ दूरी पर दर्जनभर युवाओं ने सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया।
जिला प्रशासन ने किसी भी तरह की अफवाह फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी है।
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