नई दिल्ली, 24 जून (आईएएनएस)। जलियांवाला बाग नरसंहार को ‘मानवता के लिए शमिर्ंदगी’ बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लोगों से शांति, अहिंसा और त्याग के मार्ग का अनुसरण करने का आग्रह किया।
नई दिल्ली, 24 जून (आईएएनएस)। जलियांवाला बाग नरसंहार को ‘मानवता के लिए शमिर्ंदगी’ बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लोगों से शांति, अहिंसा और त्याग के मार्ग का अनुसरण करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि हिंसा और क्रूरता कभी भी किसी भी समस्या का समाधान नहीं कर सकती है।
मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात में कहा, “2019 में जलियांवाला बाग नरसंहार के 100 साल पूरे हो जाएंगे, एक ऐसी घटना जो पूरी मानवता को शमिंर्दा करती है। 13 अप्रैल, 1919 को कौन भूल सकता है – एक काला दिन जब सत्ता और अधिकार का दुरुपयोग कर निर्दोष लोगों को मारा गया था।”
उन्होंने कहा, “यह एक ऐसा काम था जो क्रूरता की सीमा पार कर गया था। हमें इसे एक अमर संदेश के साथ याद रखना चाहिए कि हिंसा और क्रूरता कभी समाधान नहीं हो सकती।”
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