बदलते मौसम में आंखों में संक्रमण से बचें

imagesलखनऊ, 22 अक्टूबर – मौसम में अचानक बदलाव से आंख की बीमारी से बड़ी संख्या में लोग परेशान हो रहे हैं। इस मौसम में आंखों में लाली, पानी गिरना, सूजन व खुजली से लोग परेशान हैं। कंजेक्टिवाइटिस नामक इस बीमारी की चपेट में आने पर जहां आंखों में सूजन व लाली आ जाती है, वहीं कई रोगियों को कम दिखाई देने लगता है। एक से दूसरे में फैलने वाले इस वायरस से बचाव ही एकमात्र विकल्प है। इस रोग में परेशानी बढ़ने पर चिकित्सक से सलाह जरूरी है।

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल श्रीवास्तव कहते हैं कि मौसम परिवर्तन के समय अपनी त्वचा और बालों का लोग खास ख्याल रखते हैं, मगर आखों के प्रति लापरवाह बने रहते हैं, जबकि मौसम परिवर्तन के समय आखों के भी खास देखभाल की जरूरत होती है। ठंडक के बीच मौसम में थोड़ी गरमाहट भी है।

उन्होंने बताया कि बदलता मौसम त्वचा, बाल व आंखों पर प्रभाव डालता है। बदलते मौसम का सर्वाधिक प्रभाव आखों पर पड़ता है। आखों में संक्रमण और बीमारियों के कारण कीटाणु और जीवाणु ही होते हैं।

क्या हैं लक्षण :

कंजेक्टिवाइटिस आखों से जुड़ी सबसे आम बीमारी है। इस बीमारी में आखें सूज जाती हैं। इनमें दर्द बना रहता है और आंखों से पानी आता है। आखों की यह बीमारी बहुत तेजी से आसपास के लोगों तक पहुंच जाती है। एक दूसरे को छूने, आखों में देखने से यह संक्रमण किसी दूसरे को हो सकता है।

संक्रमण न होने दें :

चिकित्सकों का सुझाव है कि आखों के लिए स्वस्थ भोजन और अच्छी नींद दोनों ही बेहद आवश्यक हैं। खाने में हरी सब्जियां ज्यादा खाएं। दिन में कम से कम दो लीटर पानी पीएं, ताकि आपके शरीर की गंदगी बाहर निकले और नमी बनी रहे, जो आखों के लिए भी जरूरी है। आखों में चिकित्सक द्वारा सुझाई गई ऐसी दवाएं डालें जो आखों को शुष्क होने से रोके और संक्रमण न पैदा होने दें। इस मौसम में कंजेक्टिवाइटिस के साथ ही अन्य संक्रमण की आशंकाएं भी अधिक होती हैं।

गॉगल शेयरिंग भी खतरनाक :

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रीवास्तव के मुताबिक, सबकी आखों की क्षमता अलग-अलग होती है। ऐसे में किसी से चश्मा लेकर पहनना ठीक नहीं है। इससे आखों पर अधिक दबाव होने के साथ ही लगातार ऐसे चश्मे के इस्तेमाल से विजन पर भी असर पड़ सकता है।

ये सावधानियां बरतें :

* आंखों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील इस मौसम में गुणवत्ता युक्त चश्मे का इस्तेमाल करें।

* आखों का अचानक लाल हो जाने या दर्द की स्थिति में डॉक्टर की सलाह लें।

* रात में सोते समय आई क्लीनिंग ड्रॉप्स या गुलाब जल का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

डॉ. श्रीवास्तव का कहना है कि संक्रमण होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने बताया कि आंखों को गर्म पानी से सेंकने से भी राहत मिलती है। इसके अलावा आंखों में गुलाबजल डालने से बहुत आराम मिलता है।

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