कश्मीर ने बाढ़ के हालात से निपटने के लिए कमर कसी

श्रीनगर, 30 जून (आईएएनएस)। प्रशासन द्वारा समय रहते उठाए गए कदमों ने शनिवार को दक्षिण कश्मीर के पंपोर शहर को जलप्लावित होने से बचा लिया। हालांकि कश्मीर घाटी में बाढ़ के हालात गंभीर बने हुए हैं।

पुलिस, सड़क एवं इमारत विभाग और सीमा सड़क संगठन के कर्मियों ने पंपोर इलाके में झेलम नदी के तटबंध में एक दरार को भर कर शहर को बचा लिया।

जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल एन.एन. वोहरा ने झेलम नदी और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण पनपे हालात और राहत उपायों पर चर्चा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की।

बाढ़ नियंत्रण विभाग ने घाटी में पहले ही आपातकाल घोषित कर दिया है, क्योंकि संगम (अनंतनाग), राम मुंशीबाग (श्रीनगर) और आशम (बांदीपोरा) इलाके में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है।

अधिकारियों ने शनिवार को घाटी में सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद कर दिया है।

घाटी के सभी जिलों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन स्थापित कर दी गई है। इन जगहों पर संबंधित जिला मजिस्ट्रेट व्यक्तिगत तौर पर राहत और बचाव तैयारियों में जुटे हुए हैं।

निचले इलाकों और पर्वतीय धाराओं से सटे इलाके में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जल स्रोतों के समीप नहीं जाने को कहा गया है।

श्रीनगर, अनंतनाग, पुलवामा, कुलगाम और अन्य जगहों के कई निचले इलाकों में लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ रहा है और भीड़-भाड़ वाले आवासीय क्षेत्रों में वर्षा जल जमा हो गया है।

अमरनाथ यात्रा लगातार दूसरे दिन रद्द रही, क्योंकि अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को शनिवार को जम्मू से घाटी की ओर बढ़ने की इजाजत नहीं दी।

इस बीच मौसम विभाग की निदेशक सोनम लोटस ने आईएएनएस से कहा कि पिछली इसी अवधि की तुलना में बीते 12 घंटों के दौरान कश्मीर घाटी में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई है।

लोटस ने कहा, “लोग डरे नहीं, बल्कि सतर्क रहें।”

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