चेन्नई, 2 जुलाई (आईएएनएस)। अदाणी समूह द्वारा लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड से कट्टुपल्ली बंदरगाह का अधिग्रहण किए जाने से देश के निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा। ऐसा विशेषज्ञों का मानना है।
चेन्नई, 2 जुलाई (आईएएनएस)। अदाणी समूह द्वारा लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड से कट्टुपल्ली बंदरगाह का अधिग्रहण किए जाने से देश के निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा। ऐसा विशेषज्ञों का मानना है।
केयर रेटिंग्स के एनालिस्ट आशीष नैनन ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “इस खरीद से अदाणी समूह को पूर्वी तट से दक्षिण के बाजार की जरूरतों की पूर्ति करने का मौका मिलेगा और उसकी मौजूदगी से समूह को एक और मुंद्रा बंदरगाह मिल जाएगा, मगर यह पूर्वी तट पर होगा।”
उद्योग के विश्लेषकों ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “अदाणी समूह के तहत कट्टुपल्ली बंदरगाह से मालवाहक जहाजों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।”
अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकॉनोमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) जैसी कंपनी वाला गुजरात का अदाणी समूह इस क्षेत्र में बड़ा कारोबारी है, जिसके पास वर्तमान में पश्चिमी तट पर मुंद्रा बंदरगाह, दाहेज बंदरगाह, हाजिरा बंदरगाह, विजिंगम बंदरगाह और टूना व मुर्मुगाओ टर्मिनल और पूर्वी तट पर धामरा बंदरगाह, कट्टुपल्ली बंदरगाह और कमरजार बंदरगाह और विशाखापत्तन बंदरगाह में टर्मिनल हैं।
कुल मिलाकर अदाणी समूह के पास भारत के तटों पर 10 ठिकाने हैं।
लार्सन एंड टुब्रो ने 29 जून को बंबई स्टॉक एक्सचेंज को दाखिल विनियामक रपट में कहा कि उसने मरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड (एमआईडीपीएल), एल एंड टी शिपबिल्डिंग लिमिटेड और अदाणी कट्टुपल्ली पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के साथ एमआईडीपीएल के 97 फीसदी शेयर अधिग्रहण के लिए एक करार किया। एमआईडीपीएल कट्टुपल्ली बंदरगाह का डेवलपर और ऑपरेटर है।
कुल खरीद का मूल्य 1,950 करोड़ रुपये है, जिसमें 388 करोड़ रुपये शेयरों की बिक्री के लिए है और बाकी 1,562 करोड़ रुपये एमआईडीपीएल के दायित्व के भुगतान के लिए है।
dharmpath.com dharmpath