भोपाल, 2 जुलाई (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन की ‘आयुष्मान भारत’ योजना 15 अगस्त, 2018 से लागू की जाएगी। इस योजना से राज्य में साढ़े 5 करोड़ से अधिक सदस्य के लाभान्वित होने का दावा किया गया जा रहा है।
अाधिकारिक तौर पर सोमवार को दी गई जानकारी के अनुसार, योजना में सामाजिक, आर्थिक और जातीय जनगणना (एसईसीसी) के आधार पर वंचित श्रेणी के 84 लाख परिवारों को शामिल किया गया है। इस योजना का लाभ असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के परिवारों और खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के पात्रता पर्ची वाले सभी परिवारों को भी दिया जाएगा। योजना में शामिल परिवारों के प्रति परिवार पांच लाख रुपये प्रतिवर्ष स्वास्थ्य सुरक्षा कवच उपलब्ध करवाया जाएगा।
आधिकारिक ब्यौरे के अनुसार, योजना का लाभ शासकीय और निजी चिकित्सालयों के माध्यम से कैशलेस रूप में दिया जाएगा। इससे शासकीय अस्पतालों को उन्नत किया जा सकेगा और निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की उपलब्धता भी बढ़ेगी। योजना के लागू होने पर प्रदेश के नागरिकों पर उपचार पर होने वाले खर्च में भी कमी आएगी।
बताया गया है कि प्रदेश में असंगठित श्रेणी के मजदूरों के लगभग 20 लाख परिवार है। पात्रता पर्ची वाले ऐसे परिवार जो एसईसीसी के आधार पर वंचित श्रेणी में शामिल नहीं है, उनकी संख्या लगभग 34 लाख है। इस प्रकार लगभग एक करोड़ 37 लाख परिवारों के लगभग साढ़े पांच करोड़ से अधिक सदस्यों को इस योजना में स्वास्थ्य सुरक्षा कवच उपलब्ध होगा।
बताया गया है कि प्रति परिवार 1200 रुपये की दर से कुल 1648 करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान है। एसईसीसी के 84 लाख परिवारों के लिए 600 करोड़ रुपये की ग्रांट-इन-एड भारत सरकार के केंद्रांश के रूप में प्राप्त होगी और 400 करोड़ राज्यांश देना होगा। मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन की ‘आयुष्मान भारत’ योजना इसी साल 15 अगस्त से लागू की जाएगी।
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