‘बदलते समय के हिसाब से विश्वविद्यालयों को विकसित करने की जरूरत’

सिडनी, 17 जुलाई (आईएएनएस)। विश्वविद्यालयों की करीब 40 फीसदी मौजूदा डिग्रियों के जल्द ही निर्थक जैसी हो जाने की चेतावनी के बीच एक प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई शिक्षाविद ने कहा है कि भविष्य की शिक्षा के लिए अधिक ऑनलाइन सामग्री के साथ बहुत ही छोटे पाठ्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित करना होगा। इसके साथ अपने कौशलों को उन्नत करने के लिए जीवन भर सीखने पर जोर देना होगा।

न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय (यूएनएसडब्ल्यू) के अध्यक्ष और कुलपति इयान जैकब्स ने कहा, “विश्वविद्यालयों को विकसित करने की जरूरत है और चुनौतियों में से एक विश्वविद्यालय के कार्य करने के वातावरण में बदलाव और लोगों के आजीवन शिक्षा लेते रहने की जरूरत है.. हम पहले से ही छोटे कोर्स के बारे में सोच रहे हैं जो उद्योग के मुताबिक सही हो।”

यूएनएसडब्ल्यू ने कुछ स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों को शुरू किया है, जो एक सेमेस्टर के काम के बोझ के आठवें हिस्से के बराबर है।

जैकब्स ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने स्नातक डिग्री को भी फिर से नया रूप दे रहे हैं। इसमें ज्यादातर सामग्री ऑनलाइन उपलब्ध होगी और अत्यधिक ध्यान कैंपस में छात्र व शिक्षक के बीच संवाद पर होगा।

जैकब्स ने सिडनी मार्निग हेराल्ड से कहा ,”हम आमने-सामने बैठकर सीखने के तरीके को बदल रहे हैं, इसलिए कई दूसरे विश्वविद्यालयों की तरह हमारे पास भी छात्रों से भरे बड़े व्याख्यान कुछ ही होंगे, ज्यादातर व्याख्यान ऑनलाइन दिए जाएंगे।”

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