ग्रेटर नोएडा : 2 इमारतें ढहने में 3 की मौत, जांच के आदेश (लीड-2)

ग्रेटर नोएडा, 18 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पास सबसे तेजी से विकसित हो रहे रियल एस्टेट केंद्र में से एक ग्रेटर नोएडा के एक गांव में मंगलवार शाम दो इमारतें ढह गईं। इनके मलबे से तीन शव निकाले गए हैं।

अधिकारियों और आस-पास रहने वालों ने इमारत के मलबे में कम से कम 50 लोगों के दबे होने की आशंका जताई। धराशायी इमारतों में एक निर्माणाधीन थी जबकि दूसरी बनकर तैयार हो चुकी थी और उसमें कुछ परिवार रहने भी लगने थे।

एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “शाहबेरी गांव में स्थित ये इमारतें मंगलवार रात 8.30 से नौ बजे के बीच जाहिर तौर पर इमारतों के भूतलों की दीवारों में अत्यधिक नमी आने और इमारतों में बेकार गुणवत्ता की निर्माण सामग्री का उपयोग होने के कारण गिरी हैं।”

मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने आईएएनएस को बताया कि बिल्डर गंगा प्रसाद द्विवेदी सहित चार लोगों को हिरासत में लिया गया है।

उन्होंने कहा, “चारों लोगों से पूछताछ हो रही है। उनके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर कदम उठाए जाएंगे।”

इमारत में और इसके आसपास रह रहे मजदूरों का कोई आंकड़ा नहीं होने के कारण मलबे में फंसे लोगों की संख्या के बारे में अभी भी पुष्टि की जा रही है।

इस इलाके में कई इमारतें निर्माणाधीन हैं और मजदूर इनमें रहते हैं।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की चार टीमों ने मलबे से तीन शव बाहर निकाले।

एनडीआरएफ के महानिदेशक संजय कुमार ने कहा, “सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की मोबाइल टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। बाद में तीन और टीमें पहुच गईं।”

उन्होंने कहा, “घटनास्थल पर जाने के लिए काफी संकरा सड़क मार्ग होने के कारण मुश्किल हुई है लेकिन हम अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश कर रहे हैं।”

उन्होंने यह बात स्थानीय लोगों की इस बात पर कही कि बचाव कार्य की गति काफी धीमी है।

यह दुर्घटना तब घटी जब एक निर्माणाधीन इमारत पास की एक चार मंजिला इमारत पर गिर गई। उस इमारत में चार लोगों का परिवार रहता था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए नोएडा के जिलाधिकारी को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है।

इस घटना पर अपर सूचना सचिव अवनीश अवस्थी ने बताया,”मामले का संज्ञान मुख्यमंत्री ने लिया है। उन्होंने गौतमबुद्घ नगर के जिलाधिकारी को तत्काल राहत कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है। वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और स्थिति पर नजर बनाए हैं।”

अवस्थी ने बताया कि उन्होंने एसडीआरएफ और पुलिस को भी तत्काल राहत कार्य में जुटने का निर्देश जारी किया है।

घटनास्थल पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि राहत और बचाव के काम के लिए दर्जनभन एंबुलेंस लगाई गईं हैं।

उन्होंने बताया,”12 एंबुलेंस यहां पर मौजूद हैं और पास के सभी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। एनडीआरएफ और डॉग स्क्वायड की टीम भी मौके पर मौजूद है।”

गौतमबुद्घनगर जिले के जिलाधिकारी बी. एन. सिंह, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) आशीष श्रीवास्तव के साथ-साथ छह थानों से पुलिसकर्मियों सहित गाजियाबाद से बुलाई गईं एनडीआरएफ की टीमें मंगलवार रात से घटनास्थल पर हैं।

रात में खराब रोशनी के कारण बचाव अभियान में बाधा पड़ी।

बचाव दल, दो हाइड्रोलिक क्रेन और छह बुलडोजर मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए लगे हुए हैं।

डीएम बी.एन. सिंह ने मामले की जांच एडीएम विनीत कुमार को सौंपी है। 15 दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

यह भी जांच की जा रही है कि क्या दोनों इमारतें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के क्षेत्र में आती हैं, अगर ऐसा है तो निर्माण शुरू होने से पहले आवश्यक मंजूरी के लिए कोई अनापत्ति प्रमाणपत्र लिया गया था या नहीं।

एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि दोनों इमारतें अवैध रूप से बनाई गई हैं तथा एक का निर्माण कार्य पूरा हो चुका था और उसमें दर्जन भर परिवार रहने भी लगे थे।

मेरठ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राम कुमार ने कहा,”अभी तक तीन मजदूरों के शव मिले हैं। यह निर्माणाधीन बिल्डिंग है, इसलिए फंसे हुए लोगों में भी ज्यादा संख्या मजदूरों के होने की है। अभी 24 घंटे तक और राहत एवं बचाव कार्य चल सकता है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”

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